मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच एक और बड़ा दावा सामने आया है, जिसने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है। इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के सबसे ताकतवर अधिकारियों में शामिल अली लारिजानी को एयरस्ट्राइक में मार गिराया है। हालांकि ईरान ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के मुताबिक, रात में किए गए हवाई हमले में अली लारिजानी को निशाना बनाया गया। लारिजानी को ईरान की सुरक्षा व्यवस्था का अहम चेहरा माना जाता था और उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में गिना जाता था। इससे पहले इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने भी बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने लारिजानी को टारगेट किया है। हालांकि उनकी मौत की पुष्टि रक्षा मंत्री के बयान के बाद ही सामने आई।
इस हमले को लेकर इजरायली सेना ने अपने बयान में कहा कि सैन्य खुफिया द्वारी मिली जानकारी के आधार पर ईरान के तेहरान में कई टारगेटेड हमले किए हैं। जिनमें पिछले 6 सालों से बासिज यूनिट के कमांडर रहे गुलाम रज़ा सुलेमानी को ढेर किया है। हालांकि हमले में और कौनसे शीर्ष अधिकारी मारे गए या नहीं इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
बता दें बासिज यूनिट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स के इंटरनल सुरक्षा से जुड़ी अर्धसैनिक मिलेशिया है। इजरायली हमले के मुताबिक इस हमले में ईरान के सीनियर अधिकारी अली लारेजानी को भी निशाना बनाया गया है। जहां युद्ध इस हमले के बाद एक बार फिर खौफनाक मंजर पर पहुंच गया है।
दूसरी ओर ईरान मिडिल ईस्ट को लगातार निशाना बना रहा है। जहां मंगलवार को उसने बगदाद को टारगेट किया इनमें निशाने का केंद्र अमेरिकी दूतावास रहा है। जहां रॉकेट और कम से कम पांच ड्रोन से घातक हमले किए गए हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच देश के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई है। रात करीब ढाई बजे नंदा देवी जहाज गुजरात पहुंचा है। यह करीब 47 हजार (LPG) लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस भारत पहुंची है। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने जानकारी दी कि समुद्र में ही यह गैस एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। बता दें इस प्रोसेसे को शिप टू शिप (STS) ट्रांसफर के नाम से जाना जाता है।