इंदौर — 1 जुलाई को इंदौर क सोशल मीडिया पर खजराना थाना क्षेत्र के रहने वाले भू माफिया और अवैध कब्ज़ाधारी आरोपी रहमत पटेल पिता नबीबक्ष “डी” कंपनी से ताल्लुक रखने की बात कहते हुए प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाले भूमाफिया का वीडियो वायरल हुआ । जिसके बाद आरोपी की गिरफ़्तारी खजराना पुलिस ने की व् 2 जुलाई को रहमत पटेल पर लसुडिया थाने में बीएनएस की धारा 296 धारा 353(2) व 356(2) में प्रकरण पंजीबध कर लिया गया।
अशोभनीय टिप्पणी –
देश के सर्वोच्च पद बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी अशोभनीय टिप्पणी करने के बाद भी उसे जमानत दे दी गई। सूत्र बताते हैं कि रहमत पर किसी की रहमत हुई वो जाँच का विषय हैं लेकिन थाने में इसमें अपनी उम्र से लेकर सभी जानकारी झूठी दी। सूत्र बताते हैं कि रहमत ने पागल होने का प्रमाण पत्र भी बताया जिसके बाद उसे जमानत मिली। लेकिन जो अपने आपको “डी कंपनी का सदस्य बताते हुए सभी प्रमाण पत्र झूठे बना सकता हैं। वो जैसे “मानसिक विकलांगता” या कहे की पागल हो सकता हैं। इस सम्बन्ध में जब अधिकारियों से चर्चा की गई थी।तो उनका भी यही कहना था कि उन्हें भी यह बात संज्ञान में थी लेकिन उस पर जो धारा बनना थी उसके तहत कार्यवाही की हैं।
पुरे परिवार ही बदमाश प्रवर्ती का –
23 जुलाई रहमत पटेल द्वारा सेकड़ो दुकानों पर कब्जे पर निगम रिमूवल की कार्यवाही हुई थी।उसके पीछे प्लाट पर रास्ता रोक कर रहमत ने कुछ प्लाट वाल को 2002 में कई रजिस्ट्रिया कर दी थी। लेकिन 23 सालो से सेकड़ो लोग न्याय की आस में जो भटक रहे थे उनके निगम के द्वारा की गई कार्यवाही के बाद थोड़ी हिम्मत मिली थी। 23 को जब कुहक प्लाट धारक मौके पर आये तो रहमत के बेटे अमजद पटेल ने न उन्हें बल्कि एक रिटायर डीईजी जिनका प्लाट उसी जगह हैं। उन्हें भी गलियां दी।
वीडियो में गुलाबी शर्ट में दिख रहे अमजद पटेल-
वीडियो में गुलाबी शर्ट में दिख रहे अमजद पटेल ने पहले तो अपनी पहुच का रौब दिखाया लेकिन विवाद के बाद भी प्लाट धराक कुछ नहीं कर पाए यही नहीं कई महिलाए जो रहमत के परिवार की थी वो भी कई घंटो तक हावी होती रही। जिस जमीन पर रहमत ने अवैध कब्जे किए उस प्लाट के पुरे रूपये देने के बाद भी 23 सालो से फरियादी सिफ थाने और निगम सहित प्रसाशन के चक्कर ही काट रहे हैं। लेकिन इस अवैध निर्माण पर हुई कार्यवाही के बाद कुछ आश्वाशन उन्हें था लेकिन शायद प्लाट वालो को शायद न्याय केलिए कोई आवर दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।