मणिपुर में हिंसा की घटने एक बार फिर सामने आई है। इस बार निशाने पर मैतई समुदाय का युवक था, जिसकी दर्दनाक हत्या की गई। यह मामला तुइबुओंग इलाके का है। मयांगलांबम ऋषिकांत नामक 37 साल के शख्स का आदिवासी महिला के साथ अफेयर था। वह काकचिंग खुनो का रहने वाला था। हत्या की घटना में पहले तो युवक को किडनेप किया गया और फिर बाद में उसे मौत के घाट उतारा गया।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पूरी वारदात की रिकॉर्डिंग भी उन्होंने खुद की। अब यही वीडियो सामने आया है, जिसने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है। वीडियो में दिखता है कि आरोपी पहले ऋषिकांत से स्थानीय भाषा में बातचीत करते हैं। इस दौरान ऋषिकांत हाथ जोड़कर उनसे माफी मांगता नजर आता है।
इसके बावजूद, उसके बगल में खड़ा एक शख्स अचानक ऋषिकांत के कान के पास गोली मार देता है। घटना इतनी तेजी से होती है कि ऋषिकांत को संभलने तक का मौका नहीं मिलता।

फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने अब तक अफेयर से जुड़े किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि राज्य में शुरू हुई जातीय हिंसा अब तक थमी नहीं है, समुदाय का गुस्सा कभी भी उग्र रूप ले लेता है।
ऋषिकांत की बहन आशा लता ने पूरे मामले में नए सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि उनका भाई पहले नेपाल में काम करता था और वहीं रह रहा था। राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से उसका उस महिला से कोई संपर्क नहीं था। आशा लता के मुताबिक, ऋषिकांत कई दिनों से घर भी नहीं आया था। परिवार का आरोप है कि उसी महिला ने उसे बुलाया था, जिसके बाद यह घटना हुई। बहन ने आशंका जताई है कि महिला की इस वारदात में भी भूमिका हो सकती है।
हालांकि, पुलिस ने अब तक परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को खंगालने की बात कह रही है।