छत्तीसगढ़ में पहली बार होने जा रहा डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन :तैयारियों की समीक्षा बैठक, कई संभाग के IG और जिलों के SP शामिल

छत्तीसगढ़ में पहली बार होने जा रहे डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। रायपुर में उच्चस्तरीय बैठक चल रही है, जिसमें सुरक्षा और आयोजन से संबंधित सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। सम्मेलन में नक्सलवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारी मंथन करेंगे।
तैयारियों की समीक्षा बैठक, कई संभाग के IG और जिलों के SP शामिल
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होने वाले 60वें अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। नवा रायपुर में होने वाले इस बड़े आयोजन से पहले सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक सिविल लाइन स्थित सी-4 बिल्डिंग में चल रही है। बैठक में रायपुर संभाग के सभी SP और विभिन्न संभागों के IG शामिल हैं, जहां आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

    तैयारियों की समीक्षा के लिए अफसर जुटे

    मीटिंग में सुरक्षा व्यवस्था, कॉन्फ्रेंस के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट, कानून-व्यवस्था की स्थिति और आयोजन स्थल पर होने वाली व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं।

    छत्तीसगढ़ पहली बार करेगा मेजबानी

    छत्तीसगढ़ पहली बार देश के सबसे बड़े पुलिस मंच का आयोजन कर रहा है। यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) में आयोजित होगा। तीन दिवसीय इस आयोजन में देशभर के पुलिस महानिदेशक (DGP) और महानिरीक्षक (IG) शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। इस आयोजन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के सरकारी आवास को अस्थायी PMO बनाया जाएगा।

    नक्सलवाद और सुरक्षा मुद्दे रहेंगे फोकस में

    सम्मेलन में आतंकवाद निरोधक रणनीति, साइबर सुरक्षा, ड्रग्स नियंत्रण, सीमा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बार विशेष फोकस नक्सलवाद, खासकर बस्तर क्षेत्र पर रहने वाला है। हाल के महीनों में संयुक्त अभियान के जरिए सुरक्षा बलों की बड़ी सफलताओं को देखते हुए ‘बस्तर मॉडल’ पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार किया जाएगा।

    बनेगी आगे की रणनीति 

    बस्तर में चल रहे सफल ऑपरेशनों पर आधारित आगे की रणनीति भी इस सम्मेलन में तैयार की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर ग्राउंड इंटेलिजेंस, आधुनिक हथियारों और संयुक्त ऑपरेशन के कारण सुरक्षा बलों ने बड़े ऑपरेशन किए हैं, जिनका अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर पर साझा किया जाएगा।

    पिछला सम्मेलन भुवनेश्वर में हुआ था

    इससे पहले वर्ष 2024 में यह सम्मेलन भुवनेश्वर में आयोजित हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया था। इस बार आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए न केवल प्रशासनिक बल्कि रणनीतिक और राष्ट्रीय महत्व का अवसर माना जा रहा है।

    एक महीने में पीएम मोदी का दूसरा दौरा

    यह भी खास है कि इस कार्यक्रम के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इससे पहले 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस पर यहां पहुंचे थे और कई कार्यक्रमों में शामिल हुए थे।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

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