मेरठ से एक दुखद मामला सामने आया है। यहां ऑनलाइन गेम खेलते समय एक 22 वर्षीय युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक युवक को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसकी वजह बेहद ज्यादा हाई ब्लड प्रेशर बताया जा रहा है।
मृतक की पहचान खैरनगर गूलर वाली निवासी मोहम्मद कैफ के रूप में हुई है। परिवारजन के अनुसार कैफ को काफी समय से ऑनलाइन गेम खेलने की आदत थी और वह रोज कई घंटों तक मोबाइल पर गेम खेलता रहता था। घटना वाले दिन भी वह कान में ईयरफोन लगाकर गेम खेल रहा था।

परिजनों ने बताया कि गेम खेलते-खेलते कैफ को अचानक तेज सिरदर्द और घबराहट होने लगी। कुछ ही देर में वह बेहोश होकर गिर पड़ा। घरवालों ने तुरंत उसे पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई और उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
दिल्ली में दो दिन तक उसका इलाज चला, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। रिपोर्ट के मुताबिक जब कैफ को भर्ती किया गया, तब उसका ब्लड प्रेशर 300 के पार था, जो बेहद खतरनाक स्थिति मानी जाती है। इसी कारण उसके दिमाग की नस फट गई और ब्रेन हेमरेज हो गया।
कैफ के पिता फारूक प्रॉपर्टी का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बेटे को करीब दस साल पहले से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी और उसका इलाज भी चल रहा था। हालांकि इस बार अचानक उसकी हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई।
परिवारजन का कहना है कि कैफ ज्यादातर समय मोबाइल पर गेम खेलता था। वह हेडफोन लगाकर घंटों गेम में डूबा रहता था। इसके अलावा उसे सोशल मीडिया पर रील बनाने का भी शौक था। वह कभी-कभी अपने पिता के काम में मदद करता था, लेकिन उसका ज्यादा समय मोबाइल पर ही बीतता था।
जब उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई तो परिवार वाले उसे तुरंत अस्पताल लेकर गए। वहां से दिल्ली रेफर किया गया, जहां दो दिन तक इलाज चला। रविवार को कैफ ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
आजकल युवाओं में ऑनलाइन गेमिंग की लत तेजी से बढ़ रही है। कई लोग घंटों तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं। इससे शरीर और दिमाग पर लगातार दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक गेम खेलने से तनाव बढ़ सकता है, नींद पूरी नहीं होती, दिल की धड़कन तेज हो सकती है और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है। अगर किसी को पहले से हाई बीपी या अन्य बीमारी है, तो खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि लापरवाही और गलत जीवनशैली कम उम्र में भी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
आम लोगों के लिए बीपी 300 सिर्फ एक नंबर लग सकती है, लेकिन मेडिकल दृष्टि से यह बेहद खतरनाक स्थिति होती है। सामान्य तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार जब ब्लड प्रेशर 300 तक पहुंचता है, तो शरीर पर इसका गंभीर असर पड़ता है। इतनी तेज दबाव से दिमाग की पतली नसें गुब्बारे की तरह फूल सकती हैं और आखिरकार फट सकती हैं। इस स्थिति को ब्रेन हेमरेज या एन्यूरिज्म रप्चर कहा जाता है।
नस फटने के बाद खून दिमाग के टिश्यू में फैल जाता है, जिससे मरीज तुरंत कोमा में जा सकता है, लकवा हो सकता है या मौत भी हो सकती है।विशेषज्ञों का कहना है कि 180 से ऊपर का बीपी ही जानलेवा माना जाता है, ऐसे में 300 का स्तर बेहद खतरनाक और असामान्य स्थिति होती है।