भोपाल। इंदौर के ग्रेटर ब्रजेश्वरी एनएक्स में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को चार्ज के दौरान आग लगने की घटना पर मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) रिसर्च करेगा। इसका उद्देश्य EV वाहनों में दोबारा ऐसी घटना को रोकना है। उल्लेखनीय है कि इंदौर की घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। इससे EV वाहनों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। घटनाक्रम का मुख्य कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है, जबकि EV में बैटरी फुल होने के बाद ऑटो पावर कट हो जाता है। सवाल यह है कि जब ऑटो पावर कट का सिस्टम EV में रहता है, तो आग कैसे लग सकती है।
मैनिट में इलेक्ट्रिकल विभाग के प्रोफेसर शैलेंद्र जैन का कहना है कि EV का उपयोग करने वालों को दिए गए मैनुयल को अच्छे से पढ़ना चाहिए। मैन्युल के हिसाब से EV का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा वाहनों के उपयोग के समय रख रखाव को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। कंपनी द्वारा दिए गए समय पर वाहनों की सर्विसिंग करना चाहिए। इससे उक्त घटनाएं कभी भी नहीं होगी। ओवरचार्जिंग की घटना का बड़ा कारण हो सकती है।
इंदौर की घटना EV वाहनों के उपयोग का एक सबक देकर गई है। इसलिए इलेक्ट्रिकल विभाग में प्रवेशरत विद्यार्थियों को उक्त घटना का अध्ययन भी कराया जाएगा, ताकि वे अपनी सर्विस के दौरान वाहनों की फीचर के संबंध में सुरक्षा दे सकें। मैनिट के विद्यार्थी उक्त घटना की रिसर्च करने इंदौर भी जाएंगे। वहां के घटनाक्रम का पूरा मुआयना करेंगे। घटनाक्रम का बरीकी से परीक्षण भी किया जाएगा।
EV का प्रयोग बढ़ा है। ऐसे कई असावधानियां भी हो रही हैं। इलेक्ट्रिकल विभाग के स्टूडेंट इंदौर की घटना पर रिसर्च करेंगे। इससे विद्यार्थियों को नए इलेक्ट्रिकल वाहन को डिजाइन करने में फीचर तैयार करने में सहयोग मिलेगा। हम इंदौर की घटना पर रिसर्च कर इसका कारण जानने का प्रयास करेंगे।
प्रो. शैलेन्द्र जैन, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल विभाग, मैनिट
यदि किसी रेसिडेंशियल सोसाइटी में EV चार्जिंग को लेकर समस्या आती है, तो पहले सोसाइटी मैनेजमेंट के पास शिकायत करें। समाधान नहीं होता, तो एसडीएम कार्यालय या उपभोक्ता मंच में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
ओवरचार्जिंग EV बैटरी में आग लगने की घटना और ब्लास्ट सबसे प्रमुख कारण होती है। जब बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम सही काम न करे तो चार्जिंग नहीं करें। जरूरत से ज्यादा चार्ज होने पर बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ता है। इसके कारण एक सेल गर्म होकर बैटरी में चेन रिएक्शन शुरू कर देता है, जो आग या विस्फोट का कारण बन सकता है। फेल्योर चार्जर वोल्टेज कई बार नियंत्रित नहीं कर पाते, इससे ओवरहीटिंग व शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ता है।
डॉ. एसपीएस राजपूत, प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मैनिट
मई 2022 : निशांतपुरा में चार्जिंग के दौरान ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगी।
अप्रैल 2023 : न्यू मार्केट स्थित मल्टीलेवल स्मार्ट पार्किंग में खड़े इलेक्ट्रिक रिक्शा में अचानक आग लग गई।
अप्रैल 2023 : आईएसबीटी बस स्टैंड परिसर में स्मार्ट सिटी के ई-बाइक चार्जिंग स्टेशन पर भीषण आग लगी थी। इस घटना में करीब 35 ई-बाइक और साइकिलें जलकर कबाड़ हो गई थीं।
2024 : क्राइम ब्रांच में पदस्थ कॉन्स्टेबल के इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर में चार्जिंग के समय आग लग गई थी।