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Cyber Crime :10 राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी, 'मीना भट्ट' के कॉल से फंस गया शातिर

ऑनलाइन ठगी के पैसों की हेराफेरी के लिए अपना बैंक अकाउंट किराए से देने वाले आरोपी को पुलिसने तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। 49. 90 लाख रुपए के ठगी केस में वह दबोच लिया गया।
10 राज्यों की पुलिस ढूंढ रही थी, 'मीना भट्ट' के कॉल से फंस गया शातिर

हैदराबाद। तेलंगाना पुलिस ने बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल एक आरोपी को हैदराबाद में गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम टीम ने हैदराबाद के व्यक्ति से करीब 49.90 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में यह गिरफ्तारी की। पुलिस के अनुसार, पीड़ित को व्हाट्सएप पर 'मीना भट्ट' नामक एक महिला ने '86 डीबीएस इंडिया वेल्थ ग्रुप इन्वेस्टमेंट' का प्रतिनिधि बनकर जाल में फंसाया था। पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और एक फर्जी 'ट्रेडिंग पोर्टल' पर ले जाया गया। आरोपी की पहचान मोहम्मद अशफाक (33) के रूप में हुई है, जो हैदराबाद का निवासी है और एक जनरल स्टोर चलाता है।

आईपीओ से भारी रिटर्न का वादा

जालसाजों ने शुरुआत में दो लाख रुपए का निवेश करने का प्रस्ताव रखा, जिसपर उन्होंने कुछ मुनाफा भी लौटाया। उसके बाद आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के आवंटन और भारी रिटर्न का वादा करके पीड़ित को बड़ी रकम जमा करने के लिए राजी कर लिया गया। जब पीड़ित ने और पैसे लगाने से मना किया, तो उसे ब्लॉक कर दिया गया और ग्रुप से निकाल दिया गया, जिसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने जालसाजों द्वारा दिए गए कई बैंक खातों में कुल 49.90 लाख रुपए जमा किए थे।

एक खातें से 3 करोड़ की हेराफेरी

नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत के बाद आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पता चला कि अशफाक ने कथित तौर पर कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। बताया जा रहा है कि वह नई दिल्ली में गिरोह के सरगनाओं से मिला था, जहां उसके खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन शेयर बाजार से जुड़ी धोखाधड़ी के लिए किया गया। इस खाते के जरिए करीब 3.70 करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया और उससे लिए गए ओटीपी का उपयोग करके पैसे इधर-उधर भेजे गए।

29 साइबर आपराधिक केस से जुड़ा अकाउंट

यह बैंक अकाउंट भारत भर में दर्ज 29 साइबर अपराध के मामलों से जुड़ा पाया गया है। पुलिस ने बताया कि जालसाज फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर खुद को असली दिखाने का प्रयास करते थे, जिससे पीड़ित धोखे में आ जाते थे। पीड़ितों को बनावटी मुनाफा दिखाया जाता था और बाद में उन्हें पैसे निकालने से रोक दिया जाता था।

देशभर के 29 मामलों में शामिल

आरोपी कथित तौर पर देशभर में 29 मामलों में शामिल है, जिनमें तेलंगाना के 12 मामले शामिल हैं। इसके अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, असम, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। इस मामले का खुलासा पुलिस निरीक्षक के. प्रसाद राव और अधिकारियों की एक विशेष टीम ने किया, जिसका नेतृत्व साइबर क्राइम हैदराबाद के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) आरजी शिव मारुति ने किया।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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