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समर कैंप में खेलकूद का मजा न बिगड़े इसलिए बनाएं बच्चों का प्री-पोस्ट डाइट प्लान

स्पोर्ट्स एक्टिविटी में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस न बिगड़े, इसके लिए न्यूट्रिशनिस्ट्स दे रहे अहम टिप्स
समर कैंप में खेलकूद का मजा न बिगड़े इसलिए बनाएं बच्चों का प्री-पोस्ट डाइट प्लान

प्रीति जैन- सभी पैरेंट्स चाहते हैं कि गर्मियों की छुट्टियों में उनके बच्चे जमकर खेलें और नई-नई चीजें सीखें, लेकिन इस दौरान देखने में आता है कि बच्चे तेज धूप में खेलते हुए कभी पेट दर्द तो कभी चक्कर जैसा महसूस करते हैं। कैंप का समय भले ही सुबह 7 से 10 बजे तक हों लेकिन तब तक धूप तेज हो जाती है। ऐसे में बच्चों के शरीर में तेजी से वॉटर लॉस होता है, जो कि डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। कई बार बच्चे खेलते हुए तेज प्यास लगने के कारण ज्यादा पानी पीते हैं और फिर खेल में जुट जाते हैं, जिससे उनके पेट में दर्द होता है। ऐसी स्थिति में पैरेंट्स के लिए यह जानना जरूरी है कि कैंप में जाते और वापस आते वक्त किन बातों व डाइट का ख्याल रखें, जिससे इस तरह की परेशानियों से बचा जा सके।

बच्चों को न दें बाहर का नाश्ता और नींबू-पानी

शहर में इस समय 50 से अधिक छोटे-बड़े समर कैंप चल रहे हैं, जिसमें स्कूल्स से लेकर स्टेडियम तक में कैंप का आयोजन किया गया है। यहां बच्चे सुबह-शाम खेलते-कूदते नजर आते हैं, यह अच्छी बात है लेकिन इस दौरान बच्चों को आते-जाते समय बाहर का नींबू-पानी या नाश्ता न कराएं क्योंकि गर्मियों में खाना यदि ज्यादा देर का रखा हो तो उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, वहीं बाहर के नींबू- पानी में पानी कहां का है, यह भी पता नही होता। बेहतर होगा कि घर से एक बोतल में ग्लूकोज या ओरआरएस बनाकर लेकर जाएं और बच्चों को ब्रेक के दौरान उसे पीने को दें। प्यास लगने पर एकदम से ढेर सारा पानी पिया है तो फिर कुछ देर बाद खेलना शुरू करें ताकि पेट दर्द न हो।

बच्चों को कभी न दें फ्रिज में रखा नारियल पानी

सुबह के समय 7 बजे वाले कैंप के लिए बच्चों को घर से सुबह 6 से 6.30 के बीच निकलना होता है लेकिन इस समय भूख नहीं लगती है। इस समय बच्चे दूध भी नहीं पीना चाहते, तो सिर्फ दूध में टोस्ट डीप करके खाने को दें क्योंकि यह हल्का होता है। इसके अलावा सोक किए हुए बादाम, अखरोट और किशमिश से भी एनर्जी बनी रहती है। गाड़ी में जाते हुए बच्चों को छोटा केला खाने को दे सकते हैं, भले ही वे इसे आधा खाएं इससे भी पर्याप्त एनर्जी बनी रहती है। रास्ते में बच्चे को नारियल पानी पिला सकते हैं, लेकिन कभी भी नारियल पानी को फ्रिज में रखकर ठंडा करके बोतल में न भरें क्योंकि इससे सर्दी-जुकाम हो जाता है। कई पैरेंट्स यह गलती करते हैं। बच्चों को हमेशा सामान्य तापमान वाला नारियल पानी ही दें। - डॉ. अलका दुबे, न्यूट्रिशनिस्ट

बाहर न खिलाएं, घर से प्रिपरेशन करके जाएं

जब बच्चे लौटकर आएं तो उन्हें तुरंत खाने को न दें बल्कि इससे पहले नींबू-शिकंजी, छाछ या लस्सी दें ताकि पानी के साथ पोषक तत्व मिल जाएं। फिर पोहा, उपमा, पराठा, इडली या जो नाश्ता करते हैं, वो करें। दोपहर के समय फ्रूट जूस बच्चों को जरूर दें क्योंकि बाहर से आने के बाद पोटेशियम लॉस हो जाता है तो यह उसकी भरपाई करता है। बच्चों को शाम को कैंप से लौटने पर स्मूदी, बादाम शेक, ड्रायफ्रूट शेक दे सकते हैं। कोशिश करें कि रास्ते में लौटते समय बच्चों को बाहर का खाना-पीना न खिलाएं, बल्कि पहले से घर में आलू टिक्की, पराठा, वेज पुलाव, पनीर की रेसिपी आदि की व्यवस्था करके जाएं क्योंकि खेलने के बाद तेज भूख लगती है जो कि बच्चों को बर्दाश्त नहीं रहती है और वे बाहर जल्दबाजी में कुछ भी खा-पी लेते हैं। - विनीता मेवाड़े, न्यूट्रिशनिस्ट

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