
खंडवा। जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में गुरुवार शाम एक हृदयविदारक घटना घटी। गणगौर विसर्जन के लिए कुएं की सफाई के दौरान 8 लोग डूब गए। करीब 3 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी शवों को बाहर निकाल लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस, प्रशासन और एसडीईआरएफ की टीम पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
कैसे हुआ हादसा?
गणगौर विसर्जन के बाद गांव के 8 लोग कुएं की सफाई करने उतरे थे। गांव के चौक में स्थित कुएं में बड़ी मात्रा गाद और कचरा जमा होने के कारण जहरीली गैस बनने की आशंका जताई जा रही है, जिससे दम घुटने के कारण इनकी मौत हो गई। हादसे के कारण पूरे गांव में मातम पसर गया है।
3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया और तुरंत पुलिस, प्रशासन और एसडीईआरएफ (SDERF) को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम के साथ 15 सदस्यीय SDERF दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रस्सी और जाली की मदद से टीम ने शवों को कुएं से बाहर निकाला।
डूबे हुए लोगों की पहचान
जानकारी के अनुसार, जिस कुएं की सफाई के लिए 8 लोग नीचे उतरे थे, उनकी पहचान राकेश पिता हरी, वासूदेव पिता आसाराम, अर्जुन पिता गोविंद, गजानंद पिता गोपाल, मोहन पिता मंसाराम, अजय पिता मोहन, शरण पिता शुखराम एवं अनिल पिता आत्माराम के रूप में हुई है।
जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका
बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर के वक्त कुछ लोग कुएं में सफाई के लिए उतरे थे, लेकिन शाम तक बाहर नहीं निकले। गांव के लोग जब उन्हें देखने पहुंचे, तो उन्हें कुएं में कोई हलचल नहीं दिखी, जिसके बाद घटना की जानकारी प्रशासन को दी गई। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जिस कुएं की सफाई के लिए ग्रामीण उतरे थे, उसके किनारे से एक नाली गुजरती है, जिससे गांव का गंदा पानी कुएं में जाता है। इससे कुएं में भारी मात्रा में गाद जमा हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी गाद और गंदगी से जहरीली गैस बनी, जिससे कुएं में उतरे लोगों का दम घुट गया।