पल्लवी वाघेला, भोपाल। इन दिनों टीनएजर और युवा, रिश्ते की लॉयल्टी चेक करने के ट्रेंड में पड़कर हाथ जलाते नजर आ रहे हैं। हाल ही में राजधानी में एक ऐसे ही मामले में युवक ने 26 अप्रैल को तय शादी तोड़ दी। युवक के मुताबिक उसने मंगेतर की लॉयल्टी चेक करने सोशल मीडिया का हॉट टी चैलेंज फॉलो किया। हाथ पर खौलती चाय गिरते ही लड़की ने चीखते हुए हाथ हटा लिया तो युवक ने यह कहकर रिश्ता तोड़ दिया कि जो लड़की चाय की जलन बर्दाश्त नहीं कर पाई, वो दुख में साथ क्या देगी। मामले में परिवार युवक की काउंसलिंग के लिए पहुंचा है। जब इस संबंध में पड़ताल की गई तो प्रदेश में दिसंबर 25 से अब तक 33 मामले जानकारी में आए।
हॉट टी चैलेंज जिसे लॉयल्टी टेस्ट के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, इसमें एक पार्टनर दूसरे के हाथ पर अचानक गर्म चाय डाल देता है। इसके बाद, सामने वाले पार्टनर की प्रतिक्रिया से मापा जाता है कि वह कितना प्यार और परवाह करता है। इसके अलावा वेलेंटाइन वीक के पहले लाइव टेस्ट भी ट्रेंड में है। इसमें पार्टनर सोशल मीडिया पर लाइव जाकर या रील बनाकर किसी अनजान व्यक्ति के साथ फ्लर्ट कर पार्टनर का रिएक्शन देखता है।
इंदौर में 18 वर्षीय युवक ने अपनी 16 वर्षीय प्रेमिका के साथ चैलेंज ट्राई किया। इसमें किशोरी का हाथ झुलस गया। बाद में किशोर ने बताया कि उसने अपनी 15 वर्षीय बहन के कहने पर चैलेंज ट्राय किया था।
नरसिंहपुर जिले में एक किशोरी ने अपने दोस्त का लॉयल्टी टेस्ट लेने चैलेंज फॉलो किया। उसने तीन अलग-अलग दोस्तों के साथ इसे ट्राय किया और सबके हाथ हटाने पर अवसाद में आ गई।
साइकोलॉजिस्ट डॉ. दीप्ति सिंघल ने कहा कि सोशल मीडिया के अजीबो-गरीब ट्रेंड को लोग बिना सोचे-समझे फॉलो करते हैं। हमारे पास बीते दो माह में ऐसे केस आए हैं, जिनमें टीनएजर्स ने खुद पूछा कि उन्होंने पार्टनर का लॉयल्टी टेस्ट लिया या पार्टनर के टेस्ट में वो खुद फेल हो गए। जब अपने साइकोलॉजिस्ट के ग्रुप में इस विषय पर बात की गई तो पिछले ढाई माह में मप्र में 33 मामले जानकारी में आए। ये मामले बड़े शहरों से छोटे कस्बों तक के हैं। सगाई टूटने का केस मेरे पास पहली बार आया है। युवक को आगे के जीवन के लिए समझाया है। काउंसलिंग जारी है।
गर्म चाय की कुछ बूंदे भले ही गंभीर बात न लगे, लेकिन इस तरह के चैलेंज शारीरिक हानि पहुंचा सकते हैं। इससे त्वचा बुरी तरह झुलस सकती है। छाले, तेज दर्द, लालिमा और लगातार झुनझुनी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कई बार स्थायी निशान रह जाते हैं।
डॉ. वैशाली सिंह, जनरल फिजिशियन