PlayBreaking News

क्या फिर टूटेगी उद्धव ठाकरे की शिवसेना?'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा तेज, संजय राउत का दावा- 15 करोड़ रुपए एडवांस दिए जा रहे

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज हैं। संजय राउत ने सांसदों को 15 करोड़ रुपए एडवांस देकर खरीदने का आरोप लगाया है। पार्टी ने सांसदों की बैठक बुलाई है, जबकि 6-7 सांसदों के एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की चर्चा है। जानिए पूरा घटनाक्रम।
Follow on Google News
'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा तेज, संजय राउत का दावा- 15 करोड़ रुपए एडवांस दिए जा रहे

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की ओर बढ़ती दिख रही है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी शिवसेना (UBT) के कई लोकसभा सांसदों के पाला बदलने की चर्चाओं ने सियासी माहौल गरमा दिया है। इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने दावा किया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए प्रति सांसद 15 करोड़ रुपए एडवांस दिए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 से 7 सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं। इन अटकलों के बीच दिल्ली और मुंबई दोनों जगह राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

राउत का आरोप- 15 करोड़ एडवांस दिए जा रहे हैं

संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि, महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15-15 करोड़ रुपए की एडवांस राशि दी जा रही है। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि यह रकम केवल एडवांस है और एक सांसद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 करोड़ रुपए तक तय किया गया है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया। हालांकि इन आरोपों को लेकर किसी स्वतंत्र एजेंसी या संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Twitter Post

TMC सांसद महुआ मोइत्रा की भी आई प्रतिक्रिया

संजय राउत के दावे पर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि केवल 15 करोड़ रुपए क्यों? इस पर राउत ने जवाब दिया कि, 15 करोड़ रुपए केवल एडवांस हैं और पूरी रकम इससे कहीं ज्यादा बताई जा रही है।

क्यों तेज हुई बगावत की चर्चा?

शिवसेना (UBT) में टूट की चर्चा उस समय तेज हुई जब महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाइक ने बयान दिया कि, अगर कोई जनप्रतिनिधि बालासाहेब ठाकरे के विचारों और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विश्वास रखता है तो शिवसेना के दरवाजे उसके लिए खुले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, अगर कोई सांसद भविष्य में पार्टी में शामिल होता है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी।

Featured News

दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल

बगावत की खबरों के बीच संजय राउत, अनिल देसाई और अरविंद सावंत दिल्ली पहुंचे। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व सांसदों से लगातार संपर्क बनाए हुए है और संभावित राजनीतिक संकट को टालने की कोशिश कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, कुछ सांसद पहले से दिल्ली में मौजूद हैं, जबकि एकनाथ शिंदे का दिल्ली दौरा भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

संसदीय समिति की बैठक, सभी सांसदों को व्हिप

स्थिति को देखते हुए शिवसेना (UBT) ने दिल्ली में संसदीय समिति की बैठक बुलाई है। पार्टी ने सभी सांसदों को बैठक में शामिल होने का निर्देश देते हुए व्हिप जारी किया है। जानकारी के अनुसार, बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।

रविवार की बैठक से क्यों बढ़ीं अटकलें?

उद्धव ठाकरे ने मुंबई स्थित अपने आवास 'मातोश्री' पर सांसदों की बैठक बुलाई थी। लेकिन 9 में से केवल 4 सांसद ही व्यक्तिगत रूप से पहुंचे, जबकि चार सांसद ऑनलाइन जुड़े और एक सांसद ने फोन पर बातचीत की। यहीं से पार्टी में संभावित टूट की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।

कौन-कौन सांसद बैठक में शामिल हुए?

व्यक्तिगत रूप से पहुंचे

ऑनलाइन जुड़े

फोन पर संपर्क

अरविंद सावंत

ओमप्रकाश राजे निंबालकर

संजय जाधव

अनिल देसाई

भाऊसाहेब वाकचौरे

 

राजाभाऊ वाजे

नागेश पाटिल आष्टीकर

 

संजय दिना पाटिल

संजय देशमुख

 

शिवसेना (UBT) के 9 लोकसभा सांसद

सांसद

लोकसभा सीट

अरविंद सावंत

मुंबई दक्षिण

अनिल देसाई

मुंबई दक्षिण मध्य

संजय दिना पाटिल

मुंबई उत्तर-पूर्व

राजाभाऊ वाजे

नासिक

भाऊसाहेब वाकचौरे

शिर्डी

ओमप्रकाश राजे निंबालकर

उस्मानाबाद

नागेश पाटिल आष्टीकर

हिंगोली

संजय हरिभाऊ जाधव

परभणी

संजय देशमुख

यवतमाल-वाशिम

क्या सच में 6-7 सांसद बदल सकते हैं पाला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (UBT) के 9 सांसदों में से 6 से 7 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व लगातार इन दावों को खारिज कर रहा है। संजय राउत का कहना है कि, सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं और पार्टी में कोई टूट नहीं होगी।

दल-बदल कानून में क्या है संख्या का गणित?

लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसद हैं। अगर अलग गुट बनाना है तो दल-बदल कानून के तहत कम से कम दो-तिहाई यानी 6 सांसदों का साथ होना जरूरी माना जा रहा है। इसी वजह से 6 सांसदों के संभावित पाला बदलने की चर्चा राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।

Breaking News

लोकसभा स्पीकर को भी भेजा गया पत्र

शिवसेना (UBT) ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि, अगर कोई दूसरा गुट मान्यता की मांग करता है तो पहले पार्टी का पक्ष सुना जाए। पार्टी ने यह भी कहा है कि, जरूरत पड़ने पर वह संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल विरोधी कानून के तहत उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।

उद्धव ठाकरे बोले- जिसे जाना है, वह जा सकता है

पार्टी में टूट की चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि कोई नेता पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि 2022 में भी कई लोग पार्टी छोड़कर गए थे और भविष्य में उन्हें इसका पछतावा होगा।

2022 में भी टूटी थी शिवसेना

महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव जून 2022 में हुआ था। 20 जून 2022 को एकनाथ शिंदे के साथ 40 विधायक अलग हो गए। उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा के समर्थन से एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने। बाद में चुनाव आयोग ने धनुष-बाण चुनाव चिन्ह शिंदे गुट को दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने भी शिंदे गुट को मूल शिवसेना माना। अब एक बार फिर लोकसभा सांसदों के संभावित पाला बदलने की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts