नागपुर में आग का तांडव!आखिर कैसे राख बन गईं 400 से ज्यादा गाड़ियां? लपटों से घिरा दिखा पूरा गोदाम

महाराष्ट्र। नागपुर जिले के खैरी गांव में गुरुवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। पुरानी कारों के बड़े गोदाम में लगी यह आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैल गई और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते सैकड़ों पुरानी गाड़ियां, टायर और स्पेयर पार्ट्स जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देता रहा। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लंबे समय की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
खैरी गांव में आग से मचा हड़कंप
महाराष्ट्र के नागपुर जिले में गुरुवार दोपहर एक बड़ा अग्निकांड सामने आया। नागपुर ग्रामीण क्षेत्र के खैरी गांव में स्थित पुरानी कारों के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरा परिसर धुएं और आग की लपटों से घिर गया। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था, जिसे देखकर आसपास के गांवों के लोग भी घबरा गए।
सेकेंड हैंड कारों का था बड़ा गोदाम
खैरी कन्हान मार्ग के तारानगर इलाके में यह बड़ा गोदाम स्थित है, जहां पुरानी और सेकेंड हैंड कारों का कारोबार किया जाता था। यहां मरम्मत की गई पुरानी गाड़ियों के साथ साथ खराब वाहनों के स्पेयर पार्ट्स, टायर और अन्य ज्वलनशील सामान बड़ी मात्रा में रखा गया था। गोदाम में सैकड़ों पुरानी कारें खड़ी थीं, जिनमें से अधिकांश आग की चपेट में आ गईं। दोपहर के समय सबसे पहले गोदाम से धुआं निकलता दिखाई दिया। शुरुआत में कर्मचारियों को लगा कि मामूली शॉर्ट सर्किट हुआ होगा लेकिन देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर आग की लपटों से घिर गया।
400 से ज्यादा वाहन जलकर हुए खाक
इस भीषण हादसे में करीब 400 से अधिक पुरानी कारें जलकर राख हो गईं। इसके अलावा बड़ी संख्या में टायर, बैटरियां, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामान भी आग में पूरी तरह नष्ट हो गया। आग इतनी तेज थी कि गोदाम के अंदर खड़ी कई गाड़ियों में धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देने लगीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक आग की गर्मी काफी दूर तक महसूस की जा रही थी, इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। आग की वजह से पूरे इलाके में लंबे समय तक धुएं का गुबार छाया रहा।
ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी के PA के बाद अब रत्ना देबनाथ बनी निशाना? RG कर पीड़िता के घर के पास विस्फोट, 5 BJP कार्यकर्ता घायल
आग देखकर लोगों में फैली दहशत
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। आग की ऊंची लपटें देखकर स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया। कई लोगों ने अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया। गोदाम के कर्मचारियों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। लोगों का कहना है कि अगर आग आसपास की दूसरी जगहों तक फैल जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इलाके में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने की वजह से आग लगातार फैलती जा रही थी।
कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची
आग की सूचना मिलते ही कामठी, येरखेड़ा और नागपुर महानगरपालिका से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 15 फायर ब्रिगेड वाहनों ने घंटों तक लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा क्योंकि गोदाम में टायर और ऑयल जैसी चीजें मौजूद थीं, जो तेजी से आग पकड़ रही थीं। कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार देर शाम आग पर नियंत्रण पाया गया। हालांकि तब तक गोदाम में खड़ी ज्यादातर गाड़ियां पूरी तरह जल चुकी थीं। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आग और भी भयानक रूप ले सकती थी।
गर्मी बनी आग फैलने की बड़ी वजह
शुरुआती जांच में सामने आया है कि भीषण गर्मी और गोदाम में रखी ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैली। फिलहाल आग लगने की असली वजह का पता लगाया जा रहा है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट समेत कई एंगल से मामले की जांच की जाएगी। इन दिनों महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान बढ़ने के साथ आग लगने की घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
ये भी पढ़ें: Bihar: सहरसा के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील से 250 बच्चे बीमार, सैकड़ों बच्चे उल्टी-पेट दर्द से हुए परेशान
कोई जनहानि नहीं
इस बड़े हादसे में सबसे राहत वाली बात यह रही कि किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। गोदाम में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। हालांकि आर्थिक रूप से नुकसान काफी बड़ा बताया जा रहा है।










