Maharashtra MLC Election Results : महायुति ने लहराया जीत का परचम, उद्धव-पवार गुट और कांग्रेस को नहीं मिली एक भी सीट

मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में महायुति गठबंधन की ताकत को एक बार फिर साबित कर दिया है। 17 सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महाविकास अघाड़ी (एमवीए) को एक भी सीट नहीं मिल सकी।
महायुति की एकतरफा जीत से राजनीतिक संदेश
चुनाव परिणामों में महायुति गठबंधन का दबदबा साफ नजर आया। बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) ने अधिकांश सीटों पर जीत हासिल कर विपक्ष के लिए चुनौती और बढ़ा दी है। खास बात यह रही कि चुनाव में विपक्षी दल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और शरद पवार की एनसीपी अपना खाता भी नहीं खोल सके। इसे राज्य में महायुति के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
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बीजेपी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी
इस चुनाव में बीजेपी ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने कुल 10 सीटों पर जीत हासिल कर खुद को राज्य की सबसे मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) को 3 सीटें और एनसीपी (अजित पवार गुट) को 2 सीटें मिलीं। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई।
नासिक सीट बनी सबसे बड़ा सरप्राइज
पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा नासिक सीट की रही। यहां बीजेपी के बागी नेता गोकुल गीते ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए महायुति समर्थित शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। गोकुल गीते ने पहले ही दौर में 357 वोट हासिल कर जीत का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि नरेंद्र दराडे को 248 वोट मिले। इस नतीजे को एकनाथ शिंदे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस के गढ़ों में भी बीजेपी का परचम
बीजेपी ने उन क्षेत्रों में भी शानदार प्रदर्शन किया जिन्हें लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत आधार माना जाता रहा है। नागपुर सीट पर बीजेपी के डॉ. राजीव पोतदार ने कांग्रेस उम्मीदवार को 682 वोटों के भारी अंतर से हराया। कांग्रेस को यहां मात्र 130 वोट मिले। यह परिणाम विपक्ष की कमजोर होती पकड़ को दर्शाता है।
अमरावती में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका
अमरावती सीट का परिणाम कांग्रेस के लिए बेहद निराशाजनक रहा। बीजेपी के प्रवीण पोटे पाटिल ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख को एक भी वोट नहीं मिला। इस नतीजे ने विपक्ष की संगठनात्मक कमजोरी को उजागर कर दिया।
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सांगली-सातारा और धाराशिव में भी भाजपा का दबदबा
सांगली-सातारा सीट पर बीजेपी के धैर्यशील कदम ने शरद पवार गुट के अभयसिंह जगताप को 301 वोटों के अंतर से हराया। वहीं धाराशिव-लातूर-बीड सीट पर बीजेपी के बसवराज पाटिल ने 845 वोट हासिल कर प्रभावशाली जीत दर्ज की। इन नतीजों ने ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी बीजेपी की मजबूत पकड़ को साबित किया।
छह सीटों पर पहले ही तय हो गई थी जीत
चुनाव से पहले ही छह सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। इनमें ठाणे से रवींद्र फाटक, यवतमाल से दुष्यंत चतुर्वेदी, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से अनिकेत तटकरे, पुणे से विक्रम काकड़े, वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर से अरुण लखानी और अहिल्यानगर से प्राजक्त तनपुरे शामिल हैं।
कहां कौन जीता
- परभणी-हिंगोली - सईद खान (शिवसेना)
- सोलापुर - राजेंद्र राऊत (बीजेपी)
- धाराशिव-लातूर-बीड - बसवराज पाटिल (बीजेपी)
- नागपुर - डॉ. राजीव पोतदार (बीजेपी)
- जलगांव - नंदकिशोर महाजन (बीजेपी)
- अमरावती - प्रवीण पोटे पाटिल (बीजेपी)
- नांदेड़ - अमर राजुरकर (बीजेपी)
- ठाणे - रवींद्र फाटक (शिवसेना, निर्विरोध)
- यवतमाल - दुष्यंत चतुर्वेदी (शिवसेना, निर्विरोध)
- रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग - अनिकेत तटकरे (एनसीपी, निर्विरोध)
- पुणे - विक्रम काकड़े (एनसीपी, निर्विरोध)
- वर्धा-गढ़चिरौली-चंद्रपुर - अरुण लखानी (बीजेपी, निर्विरोध)
- अहिल्यानगर - प्राजक्त तनपुरे (बीजेपी, निर्विरोध)
- छत्रपति संभाजीनगर-जालना - सुहास शिरसाट (बीजेपी)
- भंडारा-गोंदिया - अविनाश ब्राह्मणकर (बीजेपी)
- सांगली-सातारा - धैर्यशील कदम (बीजेपी)
- नासिक - गोकुल गीते (निर्दलीय)












