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महाकाल में खोई चप्पल, ChatGPT ने हजारों जूतों के बीच ढूंढ निकाली सही जगह

उज्जैन के महाकाल मंदिर में एक श्रद्धालु की चप्पल जूतों के बीच खो गई। काफी तलाश के बाद भी जब चप्पल नहीं मिली तो उसने ChatGPT की मदद लेने का फैसला किया। पुरानी तस्वीर के आधार पर एआई से चप्पल पहचानने और उसकी जगह बताने को कहा गया। इसके बाद मिले जवाब ने श्रद्धालु को हैरान कर दिया और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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महाकाल में खोई चप्पल, ChatGPT ने हजारों जूतों के बीच ढूंढ निकाली सही जगह
ChatGPT की मदद से मिली चप्पल

उज्जैन। उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु के साथ ऐसा वाकया हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने वाली जगह पर उसकी चप्पल गुम हो गई। आसपास बड़ी संख्या में दूसरे श्रद्धालुओं के जूते और चप्पल रखे थे, इसलिए उसे अपनी जोड़ी पहचानना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उसने अपने फोन में मौजूद पुरानी तस्वीर का सहारा लिया और ChatGPT से मदद मांगी। इसके बाद एआई ने तस्वीर देखकर चप्पल पहचानने में उसकी सहायता की। इस पूरे अनुभव का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

चप्पल ढूंढने में काम आया AI

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शुभांग बोरकर नाम के यूजर ने अपनी परेशानी दिखाई है। उसके मुताबिक, महाकाल मंदिर में दर्शन के दौरान चप्पल खो गई थी। जूते-चप्पल रखने वाली जगह पर इतनी भीड़ थी कि उसे अपनी चप्पल अलग से नजर नहीं आ रही थी। उसके पास पहले से चप्पल की एक तस्वीर मौजूद थी। उसने इसी फोटो को ChatGPT में अपलोड कर एआई से तस्वीर में दिखाई दे रही चप्पल को पहचानने और आसपास रखी चप्पलों में उसे ढूंढने में मदद मांगी।

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तस्वीर देखकर बताई संभावित जगह

वीडियो में बड़ी संख्या में जूते और चप्पल एक साथ रखे दिखाई देते हैं। ऐसे में श्रद्धालु ने ChatGPT की मदद से अपनी चप्पल को पहचानने की कोशिश की। एआई ने तस्वीर में मौजूद चप्पल की खास पहचान बताकर उसे आसपास की भीड़ में तलाशने का तरीका सुझाया। यूजर के अनुसार, इसी मदद से उसे अपनी चप्पल तक पहुंचने में सफलता मिली। हालांकि, एआई की पहचान तस्वीर और उपलब्ध जानकारी पर आधारित थी, इसलिए इसे किसी वस्तु की पक्की लोकेशन बताने वाली तकनीक नहीं माना जा सकता।

दो मिलियन से ज्यादा बार देखा गया वीडियो

शुभांग बोरकर ने इस पूरे अनुभव का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया। पोस्ट सामने आने के बाद लोगों ने इसे तेजी से शेयर करना शुरू कर दिया। वीडियो को अब तक दो मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि लोग अब एआई टूल्स का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई, लिखाई या जानकारी हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी समस्याओं में भी कर रहे हैं।

लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

वीडियो देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने हैरानी जताई। कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ChatGPT की मदद से इस तरह किसी खोई हुई चीज को पहचानने की कोशिश की जा सकती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इस घटना को लेकर मजेदार टिप्पणियां भी कीं। एक यूजर ने मजाक में कहा कि सबसे अच्छी दिखने वाली चप्पल की जोड़ी उठाकर आगे बढ़ जाना चाहिए।

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किताब खोजने में भी ली थी ChatGPT की मदद

कमेंट सेक्शन में एक महिला ने अपना अनुभव भी साझा किया। उसने बताया कि उसके पति ने एक बार किताबों की दुकान में रखी किताबों की शेल्फ की तस्वीर खींचकर ChatGPT से एक खास किताब पहचानने के लिए पूछा था। उसके अनुसार, एआई ने तस्वीर में मौजूद किताब को पहचानने में मदद की थी। ऐसे अनुभव बताते हैं कि तस्वीरों को समझने वाली एआई सुविधाएं अब लोगों के सामान्य कामों में भी उपयोगी साबित हो रही हैं। हालांकि, किसी तस्वीर से वस्तु की पहचान हमेशा पूरी तरह सटीक हो, यह जरूरी नहीं है। रोशनी, तस्वीर की गुणवत्ता, वस्तुओं की समानता और कैमरे का एंगल जैसे कई कारण नतीजे को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में एआई की जानकारी को संकेत की तरह इस्तेमाल करना बेहतर है, अंतिम प्रमाण की तरह नहीं।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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