MP Weather Update:मध्य प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट, 8 इंच तक बारिश का अनुमान

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। हालांकि प्रदेश के 40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।
मध्य प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट, 8 इंच तक बारिश का अनुमान
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है।

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इस बार बारिश का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने रीवा और बालाघाट में मंगलवार को अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है।

अगले 3 दिन तेज बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले तीन दिन तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सतना, मऊगंज, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी समेत कई जिलों में भी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

40 जिलों में अब भी बारिश की कमी

बारिश तेज होने के बावजूद प्रदेश के 40 जिलों में अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 19 फीसदी तक बारिश की कमी बनी हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से 4 से 58 फीसदी तक कम बारिश हुई है।

अलर्ट: रीवा और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट

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पश्चिमी MP में भी बारिश का आंकड़ा कमजोर

पश्चिमी मध्य प्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 1 से 49 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, बैतूल, रायसेन, सीहोर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और विदिशा समेत कई जिले शामिल हैं।

सिर्फ 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश में अब तक केवल 15 जिले ऐसे हैं, जहां औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना शामिल हैं।

कई मौसम प्रणालियां एक साथ एक्टिव

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। ऊपरी स्तर पर भी दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक 17 से 21 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

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जून की कमी अभी तक पूरी नहीं हुई

इस मानसून सीजन में जून के दौरान प्रदेश में सामान्य से 14 फीसदी कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश हुई और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून के दौरान दो बार ब्रेक आने के बाद अगस्त में एक बार फिर मजबूत सिस्टम एक्टिव हुआ है। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक करीब 13 फीसदी बारिश कम है।

MP में औसतन 37.3 इंच बारिश

मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान औसतन करीब 37.3 इंच बारिश होती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

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