लखनऊ में नगर निगम टीम और पुलिस पर पथराव, 2 महिलाएं गिरफ्तार; अतीक कनेक्शन की भी जांच

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पशु पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम और पुलिस पर हुए हमले के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पारा थाना क्षेत्र के बुद्धेश्वर में सोमवार को अवैध दूध डेरियों और वहां फैली गंदगी की शिकायत पर नगर निगम की टीम पशुओं को पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों ने टीम को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। हमले में नगर निगम कर्मचारियों के साथ बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल समेत कई लोग घायल हुए हैं। पथराव में सरकारी वाहनों के शीशे भी टूटे। विरोध के बावजूद टीम ने मौके से 18 भैंसों को पकड़ लिया। मामले में पुलिस ने दो महिलाओं, खुशबून और आफरीन, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं करीब एक दर्जन अन्य आरोपियों के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इस मामले में आरोपियों के कथित अतीक अहमद कनेक्शन की भी जांच की जा रही है, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध दूध डेरियों की शिकायत पर पहुंची थी टीम
बुद्धेश्वर इलाके में अवैध दूध डेरियों और आसपास गंदगी को लेकर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद नगर निगम की टीम सोमवार को पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई के लिए पहुंची। टीम ने जैसे ही पशुओं को पकड़ना शुरू किया, डेरियों से जुड़े लोगों ने इसका विरोध किया। शुरुआत में विरोध तक सीमित मामला कुछ ही देर में हिंसक हो गया। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने नगर निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उन पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
चौकी प्रभारी विनय पटेल समेत कई लोग घायल
पथराव के दौरान नगर निगम कर्मचारियों के अलावा बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल भी घायल हुए। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और उन्हें जंजीर से बांधकर पीटने की कोशिश की। इस दौरान सरकारी वाहनों को भी निशाना बनाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों में सरकारी वाहनों के शीशे टूटने की पुष्टि हुई है, हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में क्षतिग्रस्त वाहनों की संख्या अलग बताई गई है। एक रिपोर्ट में चार सरकारी वाहनों के शीशे टूटने की बात कही गई है।
हमले के बावजूद पकड़ी गईं 18 भैंसें
पथराव और विरोध के बीच नगर निगम की टीम ने कार्रवाई पूरी की। टीम ने मौके से कुल 18 भैंसों को पकड़ा। नगर निगम की ओर से साफ किया गया है कि इस तरह के विरोध के बावजूद आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान जारी रहेगा। घटना के बाद नगर निगम अधिकारी और बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी की तहरीर पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की।
खुशबून और आफरीन गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश
पुलिस ने मामले में खुशबून और आफरीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं करीब एक दर्जन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस उनकी पहचान करने के साथ-साथ संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का फोकस उन लोगों की पहचान पर भी है, जिन्होंने कथित तौर पर टीम पर पथराव और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। मामले में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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क्या है अतीक कनेक्शन? पुलिस कर रही जांच
इस घटना के बाद आरोपियों के कथित अतीक अहमद कनेक्शन की बात भी सामने आई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपियों का अतीक अहमद से वास्तव में कोई संबंध रहा है या नहीं। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है और फिलहाल इसे पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच में यदि किसी तरह के आपराधिक या माफिया नेटवर्क से जुड़े ठोस प्रमाण सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से आरोपियों की संपत्तियों और कथित अवैध निर्माण की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है।












