एक दिन पहले खुलेगी विंडो:महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नियम बदले, अब बिना ऑनलाइन बुकिंग नहीं मिलेगा प्रवेश

महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के लिए लागू किए गए नए नियम श्रद्धालुओं के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाले हैं। जहां एक ओर ऑनलाइन व्यवस्था ने प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है, वहीं शुल्क और नई शर्तों ने इसे थोड़ा अलग भी बना दिया है।
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महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नियम बदले, अब बिना ऑनलाइन बुकिंग नहीं मिलेगा प्रवेश
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है, अब आरती में शामिल होने के लिए ऑफलाइन व्यवस्था खत्म कर दी गई है और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने यह कदम भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था को अधिक आसान बनाने के लिए उठाया है। इस बदलाव के बाद श्रद्धालुओं को अब पहले से योजना बनाकर ही बुकिंग करनी होगी।

    नई व्यवस्था के साथ बदला भस्म आरती की प्रक्रिया

    उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती हमेशा से श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विशेष अनुभव का केंद्र रही है। हर दिन हजारों लोग इस आरती में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आते हैं। अब इस पवित्र आरती में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी तरह बदल गई है। मंदिर प्रबंध समिति ने व्यवस्था को सरल बनाने के लिए कई बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिनका असर सीधे श्रद्धालुओं पर पड़ने वाला है।

    ऑफलाइन परमिशन का सिस्टम पूरी तरह बंद

    अब तक श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर में जाकर ऑफलाइन परमिशन ले सकते थे। इसके लिए उन्हें एक दिन पहले लंबी लाइन में लगना पड़ता था और कई बार 5 से 6 घंटे तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। 9 अप्रैल से ऑफलाइन परमिशन की सुविधा बंद कर दी गई है और पूरा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।

    तत्काल कोटा अब ऑनलाइन और सशुल्क

    पहले जो परमिशन ऑफलाइन और निःशुल्क मिलती थी, उसे अब तत्काल कोटा में बदल दिया गया है। अब जो श्रद्धालु एक दिन पहले आरती में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी और इसके लिए 200 रुपये का शुल्क देना होगा। यह बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी, यानी सीमित संख्या में ही लोगों को मौका मिलेगा। रोजाना लगभग 300 श्रद्धालुओं के लिए यह तत्काल बुकिंग उपलब्ध रहेगी।

    बुकिंग का समय और प्रक्रिया

    तत्काल भस्म आरती बुकिंग के लिए पोर्टल आरती से एक दिन पहले सुबह 8 बजे खुलेगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और बुकिंग तेजी से भरने की संभावना रहती है, इसलिए श्रद्धालुओं को समय का विशेष ध्यान रखना होगा। मंदिर समिति ने भस्म आरती की पहले की बुकिंग को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। पहले श्रद्धालु तीन महीने पहले तक बुकिंग कर सकते थे, लेकिन अब इसे घटाकर एक महीने कर दिया गया है। इससे ज्यादा लोगों को मौका मिल सकेगा और बुकिंग प्रक्रिया में संतुलन बना रहेगा

    संध्या और शयन आरती भी पूरी तरह ऑनलाइन

    मंदिर में होने वाली संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी अब ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य कर दी गई है। इन आरतियों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 250 रुपये शुल्क देना होगा। संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे से शुरू होती है, जबकि शयन आरती के लिए बुकिंग शाम 4 बजे से खुलती है। इस व्यवस्था से मंदिर की सभी प्रमुख आरतियों को एक समान और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है।

    दर्शन का विकल्प अभी भी उपलब्ध

    जो श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते या शुल्क नहीं देना चाहते,  उनके लिए चलित दर्शन की सुविधा जारी रखी गई है। इसमें भक्त लाइन में चलते हुए भगवान के दर्शन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बैठकर आरती में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। यह विकल्प उन लोगों के लिए राहत का माध्यम है जो किसी कारणवश ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते।

    पहचान पत्र और फोटो अनिवार्य

    ऑनलाइन बुकिंग के दौरान श्रद्धालुओं को अपनी फोटो और पहचान पत्र की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। मंदिर में प्रवेश के समय वही पहचान पत्र साथ लाना जरूरी होगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को रोका जा सके।

    आधिकारिक माध्यम से ही बुकिंग मान्य

    मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि भस्म आरती या अन्य आरतियों की बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही मान्य होगी। श्रद्धालुओं को किसी भी अनधिकृत लिंक या दलालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। गलत माध्यम से की गई बुकिंग को मान्य नहीं माना जाएगा। इसके लिए महाकाल मंदिर की वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से 200 रुपए प्रति श्रद्धालु को ऑनलाइन मंदिर समिति को देना होगा।

    श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को सबसे बड़ी राहत लंबी लाइनों से मिली है। अब उन्हें घंटों खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी और घर बैठे ही बुकिंग की जा सकेगी। इससे समय की बचत होगी और यात्रा का अनुभव भी बेहतर बनेगा। मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार इन बदलावों का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार और श्रद्धालुओं को सुविधा देना है। ऑनलाइन प्रणाली से बुकिंग प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित हो गई है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो गई है।

     महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के लिए लागू किए गए नए नियम श्रद्धालुओं के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाले हैं। जहां एक ओर ऑनलाइन व्यवस्था ने प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया है, वहीं शुल्क और नई शर्तों ने इसे थोड़ा अलग भी बना दिया है। अब श्रद्धालुओं को आरती में शामिल होने के लिए पहले से योजना बनानी होगी और समय पर बुकिंग करनी होगी।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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