सिवनी के जम्बो सीताफल की साख बचाने की अपील, कच्चे फल तोड़ने और बेचने से बचें किसान

सिवनी। विभाग के अनुसार, जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे कच्चे सीताफल बेचने के मामले सामने आ रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को निराशा होती है और सिवनी के सीताफल की प्रतिष्ठा प्रभावित होने के साथ स्थानीय उत्पादकों को भी नुकसान उठाना पड़ता है।
कच्चे सीताफल की बिक्री से गुणवत्ता पर असर
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने किसानों, उत्पादकों और व्यापारियों से कच्चे फलों की तुड़ाई और बिक्री नहीं करने की अपील की है। विभाग के अनुसार, अपरिपक्व अवस्था में फल तोड़ने से उसकी मिठास, स्वाद और बाजार मूल्य प्रभावित होता है, जिससे उत्पाद की बाजार में साख पर असर पड़ता है।
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राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बेचे जा रहे कच्चे फल
विभाग ने बताया कि जिले में कच्चे सीताफल को राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बेचने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे फल उचित तरीके से पकने के बजाय काले होकर सूख सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को निराशा होती है और सिवनी के सीताफल की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। इसका नुकसान स्थानीय उत्पादकों को भी उठाना पड़ता है।
फल की परिपक्वता के संकेत पहचानें किसान
जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी वासेवार ने बताया कि फल की दो कलिकाओं के बीच अंतर बढ़ना और गहरे हरे रंग का हल्का पीला या सफेद होने लगना परिपक्वता के संकेत हैं। किसानों को इन्हीं संकेतों के आधार पर फलों की तुड़ाई करनी चाहिए, ताकि उनकी गुणवत्ता, मिठास और स्वाद बरकरार रहे।
जम्बो सीताफल को मिला जीआई टैग
सिवनी जम्बो सीताफल को एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत पहचान मिली है और इसे जीआई टैग प्राप्त है। विभाग ने किसानों, विक्रेताओं और मंडी व्यापारियों से इसकी गुणवत्ता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है, ताकि उत्पाद की बाजार में साख कायम रहे और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।




















