Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

भोपाल: UPI पर चार्ज से बिफरे व्यापारी, बोले-कम मुनाफे में अतिरिक्त चार्ज कैसे देंगे?

2 हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर भोपाल के व्यापारियों में चिंता है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि कम मार्जिन वाले कारोबार में यह अतिरिक्त लागत भारी पड़ सकती है।
भोपाल: UPI पर चार्ज से बिफरे व्यापारी, बोले-कम मुनाफे में अतिरिक्त चार्ज कैसे देंगे?
UPI पर चार्ज से बिफरे व्यापारी, बोले-कम मुनाफे में अतिरिक्त चार्ज कैसे देंगे?

भोपाल। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में सरकार और बैंकों ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया है और यूपीआई अब रोजमर्रा के कारोबार का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में बड़े डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगने से कारोबार की लागत बढ़ सकती है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने वित्त मंत्री से शुल्क पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग करने की बात कही है।

बड़े यूपीआई भुगतान पर शुल्क की चिंता

2 हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में चिंता है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव अजय देवनानी ने कहा कि सूचना सामने आने के बाद शहर के कई व्यापारियों ने चैंबर से संपर्क कर अपनी चिंता बताई है।

ये भी पढ़ें: अनंत नाग को मिलेगा दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, 300 से ज्यादा फिल्मों में किया काम; PM मोदी ने दी बधाई

बड़े लेनदेन में बढ़ेगी लागत

व्यापारियों का कहना है कि 0.4 प्रतिशत शुल्क पहली नजर में कम दिखाई देता है, लेकिन बड़े लेनदेन में इसकी राशि बढ़ जाती है। उदाहरण के तौर पर 75 हजार रुपए के यूपीआई भुगतान पर करीब 300 रुपए शुल्क बनेगा और ऐसे कई डिजिटल लेनदेन रोज होने पर महीने में व्यापारी पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ सकता है।

कम मार्जिन वाले कारोबार पर असर

व्यापारियों का कहना है कि कई कारोबार ऐसे हैं, जिनका मुनाफा मार्जिन ही बहुत कम है। ऐसे में 0.4 प्रतिशत अतिरिक्त लागत भी व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है और इसका असर सीधे कारोबार की लागत पर पड़ सकता है।

यूपीआई बना व्यापार व्यवस्था का हिस्सा

भोपाल में एक अन्य व्यापारी ने कहा कि छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक यूपीआई भुगतान आज व्यापार व्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है। ग्राहक के पास नकदी नहीं होने पर भी मोबाइल से तुरंत भुगतान हो जाता है और व्यापारी को छुट्टे पैसे की समस्या भी नहीं रहती।

'नकद भुगतान को देंगे बढ़ावा'

व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क की वजह से कुछ कारोबारी बड़े यूपीआई भुगतान के बजाय नकद भुगतान लेने या भुगतान को अलग-अलग हिस्सों में करने का आग्रह कर सकते हैं। इससे डिजिटल भुगतान की सहजता प्रभावित होने की आशंका है और व्यापारियों के मुताबिक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे व्यापारी और ग्राहक दोनों के लिए भुगतान आसान और किफायती बना रहे।

Breaking News

शुल्क पर पुनर्विचार की मांग

भोपाल के व्यापारिक संगठनों का कहना है कि व्यापारी डिजिटल और कैशलेस अर्थव्यवस्था के साथ हैं, लेकिन नए शुल्क का असर कारोबार की लागत पर पड़ेगा। चैंबर की ओर से वित्त मंत्री से शुल्क पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग करने की बात कही गई है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Latest Posts