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Narottam Mishra :'मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं', भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में दतिया में बोले डॉ. नरोत्तम मिश्रा

दतिया में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने एसपी को नसीहत देते हुए कहा कि वे दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखते हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं से भाजपा के खिलाफ कुछ भी न बोलने और पार्टी प्रत्याशी को जिताने की अपील की।
'मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं', भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में दतिया में बोले डॉ. नरोत्तम मिश्रा
कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज से नाराज नरोत्तम मिश्रा

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने के बाद गुरुवार को आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भावुक भी दिखे और पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने 11 जुलाई को हुए चक्काजाम के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।

एसपी को दी नसीहत

डॉ. मिश्रा ने कहा कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई उचित नहीं थी। उन्होंने एसपी को संबोधित करते हुए कहा कि मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, याद रखता हूं। मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वे 30 जुलाई तक शांत हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं के दर्द को अच्छी तरह समझते हैं।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक कार्यकर्ता के सिर पर आंसू गैस का गोला दाग दिया, जिससे उसका सिर फट गया। उन्होंने कहा कि इस घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और निर्दोष लोगों के साथ गलत व्यवहार किया गया।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को भी समझाते हुए कहा कि टिकट काटने वालों तक पहुंचना उनके बस में नहीं है, इसलिए किसी भी तरह का गलत कदम नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे दतिया शहर ने जो प्यार और समर्थन दिया, वह हमेशा याद रहेगा।

'भाजपा हमारी मां है'

डॉ. मिश्रा ने कहा कि राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और इसे 'खो-खो का खेल' बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा हमारी मां है। अब चुनाव किसी व्यक्ति का नहीं, भाजपा का है। सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरी ताकत लगानी चाहिए। कभी भी भाजपा के खिलाफ कोई बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे वे विधायक रहें या नहीं, कार्यकर्ताओं का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।

Narottam Mishra

'मैं कहीं नहीं जाऊंगा'

डॉ. मिश्रा ने कहा कि वे कमजोर नहीं हैं और पार्टी नेतृत्व उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि सभी को राजनीति से ऊपर उठकर अपने शहर, गांव और बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए।

भावुक अंदाज में खत्म किया संबोधन

अपने संबोधन के अंत में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने फिल्मी गीत की पंक्तियां सुनाते हुए कहा-

'जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवाए जाना कहां...
जी चाहे जब आवाज दो, हम हैं यहां।'

उनके इस भावुक संदेश पर बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियों के साथ उनका समर्थन किया।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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