इंदौर/मंदसौर/ आलीराजपुर। खाड़ी युद्ध के चलते अचानक पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह फैलने के बाद पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भरवाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालात इतने अफरा-तफरी वाले हो गए कि कई जगह पुलिस तैनात करनी पड़ी। मध्यपद्रेश के इंदौर सहित मालवा और निमाड़ के साथ ही राजस्थान के बॉर्डर ऐरिया के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भरवाने वालों की लंबी-लंबी लाइनें देर रात तक लगी रहीं। वहीं बंपर सेल के नतीजे में कई पेट्रोल पंपों पर पेटाÑेल खत्म हो जाने के बोर्ड लटक गए।
सोशल मीडिया पर मंगलवार शाम से फैली अफवाह
दरअसल सोशल मीडिया पर मंगलवार शाम को अचानक ही पेट्रोल-डीजल खत्म होने से पंपों पर नहीं मिलने की निराधार खबर फैलने लगी। इसमें पेट्रोल खत्म होने के साथ ही खाड़ी देशों से आने वाले पेट्रोल की सप्लाई नहीं होने की बातें भी थीं। इसका असर यह हुआ कि पेट्रोल पंपों पर वाहनों की रेलमपेल होने लगी।

जैसे-जैसे रात बढ़ी, वैसे-वैसे मारामारी बढ़ी
पेट्रोल भरवाने वालों के बीच होड़ के चलते रात बढ़ने के साथ ही वाहनों की आमद भी बढ़ती गई। इंदौर में हालात की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल संदेश प्रसारित करवाया कि पेट्रोल की कमी नही है, बेवजह पैनिक नही हों। बावजूद पंपों पर वाहनों का आना थमा नहीं।

मंदसौर के पंपों पर पुलिस ने संभाले हालात
मंदसौर सिटी ऐरिया सहित आसपास के इलाके के पंपों पर पेट्रोल भरवाने के लिए वाहनों की रेलमपेल मच गई। नजारा कुछ ऐसा था कि जिसको पेट्रोल मिल गया, वह विजेता के भाव से निकला, तो लाइन में लगने वाले वाहन चालक पेट्रोल मिलने मे हो रही देरी पर चिल्ल-पों मचा रहे थे।
आलीराजपुर में पंपों को बंद कर दिया गया
आलीराजपुर में अफवाह फैलने के बाद पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ उमड़ने लगी। रात करीब 10 बजे तक पंपों से पेट्रोल भरा गया, लेकिन इसके बाद अफवाह फैलने का पता चलने पर कई पंपों को बंद करके सोशल मीडिया से यह सूचना जारी की गई कि अफवाह में फंसे नहीं, पेट्रोल कल भी मिलेगा।
राजस्थान के प्रतापगढ़ और झालावाड़ में भी असर
पेट्रोल खत्म होने और खाड़ी देशों से नहीं आने की अफवाह का असर मध्यप्रदेश से सटे राजस्थान के बॉर्डर ऐरिया प्रतापगढ़ और झालावाड़ में भी देखने में आया। यहां भी पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की जबर्दस्त भीड़ उमड़ी।
मशीनें गरम होने से पेट्रोल देना बंद किया
सुवासरा के एक पेट्रोल पंप मालिक ने बताया कि लगातार पेट्रोल भरने की मशीने चलने गरम हो गई थीं, ऐसे में पेट्रोल मशीनों को बंद करना पड़ा। दूसरी ओर, पेट्रोल भरवाने वालों को लगा कि पेट्रोल के दाम बढ़ाने के लिए कारगुजारी की जा रही है।