बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर साइबर ठगी:प्रदेश के कई शहरों में बढ़े मामले, डेटा लीक पर उठे सवाल

राजीव सोनी, भोपाल। साइबर पुलिस का कहना है कि जालसाज लोगों को फंसाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। बिजली कनेक्शन हर घर में होने का फायदा उठाकर ठग कनेक्शन काटने की धमकी देते हैं और लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लाखों रुपये की ठगी हुई है। वहीं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डेटा लीक से इनकार करते हुए पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
बिजली कनेक्शन काटने की धमकी बन रही ठगी का हथियार
साइबर पुलिस का कहना है कि जालसाजों ने लोगों को फंसाने के लिए नए-नए तरीके निकाल लिए हैं। बिजली कनेक्शन लगभग हर घर में होने का फायदा उठाकर ठग कनेक्शन काटने की धमकी देकर लोगों को अपने प्रभाव में ले रहे हैं। इसी तरह इन्वेस्टमेंट, टास्क फ्रॉड, शेयर मार्केटिंग और मुनाफे का लालच देकर भी ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिजली बिल और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी आखिर साइबर ठगों तक कैसे पहुंच रही है।
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भोपाल में लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़ गए 99 हजार रुपये
भोपाल के बावड़ियाकला निवासी राकेश जादौन के मोबाइल पर बिजली बिल अपडेट न होने और रात 9 बजे तक कनेक्शन काटने का मैसेज भेजा गया। मैसेज में दिए गए मोबाइल नंबर पर बात करने के बाद ठग ने आईवीआरएस नंबर बदलने की बात कही और भुगतान के नाम पर लिंक भेज दी। जैसे ही लिंक पर क्लिक किया गया, मोबाइल हैक हो गया और कॉल, मैसेज फॉरवर्ड मोड पर पहुंच गए। इसके बाद ओटीपी हासिल कर खाते से 99 हजार 264 रुपये निकाल लिए गए।
उज्जैन में बेटी की सतर्कता से बच गई बड़ी ठगी
आयकर विभाग के उज्जैन के अधिकारी सजीव कुमार के बिजली कनेक्शन उनकी पत्नी के नाम पर है। वह हमेशा समय पर बिजली बिल जमा करते हैं, लेकिन एक माह बिल जमा करने में देरी हो गई। इसी दौरान उनके मोबाइल पर बिजली कनेक्शन काटने की धमकी वाला मैसेज आया और ठग ने फोन कर लिंक भेजी। सौभाग्य से उनकी बेटी ने देखा कि वह एपीके फाइल थी और समय रहते क्लिक करने से रोक दिया, जिससे बड़ी साइबर ठगी टल गई।
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जबलपुर में रिटायर्ड जीएम से 8.66 लाख रुपये की ठगी
जबलपुर के रानीताल निवासी एक कंपनी के रिटायर्ड जीएम किशोर द्विवेदी को भी इसी तरीके से निशाना बनाया गया। ठग ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताकर बिजली बिल अपडेट करने की बात कही। द्विवेदी उसके झांसे में आ गए और उसके बताए अनुसार प्रक्रिया पूरी करते गए। नतीजा यह हुआ कि दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन में उनके खाते से 8 लाख 66 हजार रुपये निकाल लिए गए।
डेटा लीक की आशंका, बिजली कंपनी पर उठ रहे सवाल
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि बिजली कंपनी के पास मौजूद उपभोक्ताओं का डेटा साइबर ठगों तक कैसे पहुंच रहा है। ठगी के शिकार लोगों का कहना है कि ठगों के पास उनके मोबाइल नंबर, बिजली बिल और भुगतान की स्थिति जैसी सटीक जानकारी पहले से मौजूद थी। ऐसे में बिजली कंपनी के कर्मचारियों की सांठगांठ या कॉल सेंटर से डेटा लीक होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
डेटा लीक संभव नहीं, फिर भी होगी जांच-ऊर्जा मंत्री
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि बिजली कनेक्शन काटने के नाम पर बढ़ती साइबर ठगी चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि विभाग उपभोक्ताओं को लगातार जागरूक करने के लिए एडवायजरी जारी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। डेटा लीक के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा संभव तो नहीं लगता, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कराई जाएगी। उनका कहना है कि यदि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












