CGST भोपाल जोन ने बनाया रिकॉर्ड:रिफंड और अपील निराकरण में देशभर में हासिल किया पहला स्थान, 22 दिन में बांटा 1669 करोड़ रुपए का रिफंड

राजीव सोनी, भोपाल। भोपाल जोन की इस उपलब्धि से 5298 टैक्स पेयर्स को समय से पहले रिफंड का लाभ मिला है। सीबीआईसी ने कार्यशैली और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की शुरुआत की है। चार प्रमुख पैरामीटर्स में से रिफंड और अपील निराकरण में भोपाल जोन ने पहला स्थान हासिल किया है। जोन के अधिकारियों ने इसे पूरी टीम की मेहनत और बेहतर प्रबंधन का परिणाम बताया है। बता दें कि विभाग ने 1669 करोड़ रुपये का रिफंड निर्धारित 60 दिन के बजाय केवल 22 दिन में जारी कर दिया।
रिफंड और अपील निराकरण में भोपाल जोन नंबर-1
सीबीआईसी ने सभी राज्यों के बीच कार्यशैली और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का नवाचार शुरू किया है। यह पहला अवसर है जब बोर्ड के चार पैरामीटर्स में से दो प्रमुख पैरामीटर्स, रिफंड और अपील, में भोपाल जोन ने पहला स्थान प्राप्त किया है। भोपाल जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, नागपुर रीजन का कुछ क्षेत्र शामिल है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय राजस्व सचिव ने जोन को सम्मानित किया है।
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60 दिन की जगह 22 दिन में जारी हुआ रिफंड
जोन के चीफ कमिश्नर मानस रंजन मोहंती ने बताया कि मंत्रालय ने रिफंड के लिए औसतन 60 दिन का समय निर्धारित किया है। लेकिन भोपाल जोन के सभी कमिश्नरेट ने विशेष कार्ययोजना बनाकर मात्र 22 दिन में सभी रिफंड मामलों का निराकरण कर दिया। इसके चलते 1669 करोड़ रुपये की राशि 5298 टैक्स पेयर्स को समय से पहले मिल गई। इससे कारोबारियों को अपने व्यवसाय में पूंजी का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिला।
विशेष रणनीति से मिली बड़ी सफलता
चीफ कमिश्नर मानस रंजन मोहंती ने बताया कि यह पूरी टीम की उपलब्धि है। सभी कमिश्नरेट में अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वय के साथ कार्य किया। अपीलों के निराकरण के लिए विशेष लक्ष्य तय किए गए और प्रत्येक कमिश्नरेट ने हर महीने 70 से अधिक अपीलों का निपटारा किया। इनमें लंबित और वर्तमान दोनों प्रकार की अपीलें शामिल थीं, जिससे कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई।
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बेहतर प्रबंधन और स्क्रूटनी से तेज हुई प्रक्रिया
मोहंती ने बताया कि मैन पावर का संतुलित वितरण और प्रभावी प्रबंधन इस सफलता का प्रमुख आधार रहा। उज्जैन और रायपुर कमिश्नरेट का प्रदर्शन भी इन पैरामीटर्स पर बेहतर रहा। अधिकारियों ने रिफंड आवेदन प्राप्त होते ही उनकी स्क्रूटनी शुरू कर दी, जिससे कमियां समय रहते दूर हो गईं और पूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सकी। इसका सीधा लाभ टैक्स पेयर्स को मिला।
करदाताओं को बेहतर सेवाएं देने पर फोकस
बता दें कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने करदाताओं को बेहतर सेवाएं देने और कार्यशैली में सुधार के उद्देश्य से सिटीजन सेंट्रिक पहल शुरू की है। इसके तहत रजिस्ट्रेशन, रिफंड, अपील और ऑडिट सेक्शन के कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है। विभाग ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने, पारदर्शिता बढ़ाने और टैक्स संबंधी सभी जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार नवाचारों को लागू कर रहा है।












