धरने के बाद एक्शन : कलेक्टर ने सोहागपुर में तीन मूंग खरीदी केंद्र किए मंजूर, कांग्रेस ने कहा तीन मांगों को लेकर आंदोलन रहेगा जारी

सोहागपुर। दो जुलाई को कांग्रेस के बैनर तले किसानों द्वारा किए गए विशाल धरना-प्रदर्शन का असर अब दिखाई देने लगा है। आंदोलन के दौरान किसानों की चार प्रमुख मांगों में से एक अहम मांग जिला प्रशासन द्वारा पूरी करते हुए तीन खरीदी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग ब्लॉक में पर्याप्त मूंग खरीदी केंद्र स्थापित करने की थी।
जिले में और केंद्र खोले जाएंगे
जिला प्रशासन ने सोहागपुर क्षेत्र में सीडब्ल्यूसी (CWC), एसडब्ल्यूसी (SWC) तथा निजी जगदंबा वेयरहाउस को मिलाकर कुल तीन मूंग खरीदी केंद्र संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह जानकारी एक सवाल के जबाब में देते हुए जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि जिले में चरणबद्ध तरीके से अन्य खरीदी केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बताया कि जिले में मूंग खरीदी केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया लगातार जारी है।किसानों की आवश्यकता और उपज की मात्रा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही अन्य स्थानों पर भी खरीदी केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके।
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किसानों की आंशिक जीत
किसान नेता एवं कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज सिंह पटेल ने कहा कि सोहागपुर क्षेत्र में तीन मूंग खरीदी केंद्र स्वीकृत होना किसानों के आंदोलन की आंशिक जीत है। हालांकि उन्होंने कहा कि शोभापुर बेल्ट के किसानों के लिए अभी तक एक भी मूंग खरीदी केंद्र स्वीकृत नहीं किया गया है, जिससे वहां के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शोभापुर क्षेत्र में भी तत्काल एक मूंग खरीदी केंद्र आवंटित किया जाए। पटेल ने कहा कि किसानों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों की शेष प्रमुख मांगों पर सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय लिए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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आंदोलन और जन संघर्ष जारी रहेगा
किसानों की प्रमुख लंबित मांगों में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करना, खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करना तथा चना और गेहूं की फसल का लंबित पूर्ण भुगतान शामिल हैं।












