
भोपाल में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां नर्सिंग की पढ़ाई कर चुकी एक युवती को एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके ही परिचितों ने 50 हजार रुपए ऐंठ लिए। युवती लंबे समय तक आरोपियों के भरोसे में रही, लेकिन जब एक साल बीतने के बाद भी उसे न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए, तब उसने पुलिस का सहारा लिया।
जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा अभी फरार है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं और लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
प्रिया राठौर (30) सीहोर जिले की रहने वाली है। उसने भोपाल से नर्सिंग की पढ़ाई की है और फिलहाल एक निजी अस्पताल में नौकरी कर रही है। बता दें कि प्रिया की पहचान सीहोर के ही रहने वाले मुकुल त्यागी और अमर छावा से थी। दोनों युवक भोपाल में प्राइवेट काम करते हैं। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने युवती से कहा कि उनकी एम्स में पहचान है और वे वहां नौकरी लगवा सकते हैं।
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आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से 50 हजार रुपए नकद ले लिए। पैसे लेने के बाद दोनों युवक लगातार टालमटोली करते रहे और कोई नियुक्ति पत्र नहीं दिला पाए। करीब एक साल तक इंतजार करने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तो युवती ने बागसेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद पुलिस ने मुकुल त्यागी और अमर छावा के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस मामले में अमर छावा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुकुल त्यागी अभी फरार है।