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जैसलमेर में दूसरे दिन उठा रेतीला तूफान :कई फीट ऊंचा दिखा बवंडर, जानें बार- बार क्यों आ रहा ऐसा तूफान?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, कई दिनों तक पड़ी तेज गर्मी और लू ने रेगिस्तानी इलाकों की जमीन को अत्यधिक गर्म कर दिया था। गर्म सतह के कारण हवा तेजी से ऊपर उठने लगी, जिससे वातावरण में कम दबाव की स्थिति बन गई।
कई फीट ऊंचा दिखा बवंडर, जानें बार- बार क्यों आ रहा ऐसा तूफान?

जयपुर। देश के अधिकांश हिस्सों में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली। कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी और बादलों की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देशभर में हीटवेव की स्थिति खत्म हो गई है। प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने से मौसम में राहत देखने को मिल रही है।

राजस्थान में धूल भरी आंधी और रेत का बवंडर

राजस्थान के कई हिस्सों में लगातार दूसरे दिन धूल भरी आंधी चली। सीमावर्ती जिले जैसलमेर में रविवार शाम फिर रेत का बवंडर उठा। मोहनगढ़ और सुल्ताना क्षेत्र से शुरू हुआ यह रेतीला तूफान धीरे-धीरे आगे बढ़ता नजर आया। इसके कारण कई इलाकों में विजिबिलिटी प्रभावित हुई और बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। हालांकि किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

बीकानेर और चूरू के कुछ हिस्सों में भी रेत का बवंडर देखा गया। शनिवार को भी राज्य के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिसका असर रविवार को तापमान में गिरावट के रूप में दिखाई दिया।

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तापमान में बड़ी गिरावट, श्रीगंगानगर में राहत

राजस्थान के फलौदी में रविवार को सबसे अधिक 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि जैसलमेर में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं अलवर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

सीमावर्ती श्रीगंगानगर जिले में पिछले तीन दिनों से तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, लेकिन रविवार को यह घटकर 35.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

क्यों उठा रेत का बवंडर?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, कई दिनों तक पड़ी तेज गर्मी और लू ने रेगिस्तानी इलाकों की जमीन को अत्यधिक गर्म कर दिया था। गर्म सतह के कारण हवा तेजी से ऊपर उठने लगी, जिससे वातावरण में कम दबाव की स्थिति बन गई। इस दबाव को संतुलित करने के लिए आसपास से तेज हवाएं चल पड़ीं। इन हवाओं ने थार मरुस्थल की सूखी और महीन रेत को बड़े पैमाने पर हवा में उड़ा दिया, जिसके चलते धूल और रेत की ऊंची परतें बन गईं और रेत का बवंडर देखने को मिला।

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यूपी में बारिश से मौसम सुहाना

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। बलिया में 34.4 मिमी, मुरादाबाद में 21.8 मिमी और राजधानी लखनऊ में 2.4 मिमी बारिश हुई। लखनऊ का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.9 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहाना बना रहा और तेज गर्मी से राहत मिली।

उत्तराखंड में खराब मौसम का असर

उत्तराखंड में खराब मौसम और भारी बारिश का असर धार्मिक गतिविधियों पर भी पड़ा। खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। वहीं चंपावत जिले के श्री रीठा साहिब गुरुद्वारे के वार्षिक जोड़ मेले के दौरान उफनती नदी में 50 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए। प्रशासन और बचाव दल ने समय रहते सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

अगले कुछ दिन जारी रहेगा असर

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि देशभर में सक्रिय प्री-मानसून गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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