मनोज चौरसिया, भोपाल। राजधानी भोपाल में इन दिनों धार्मिक पर्वों का सिलसिला चल रहा है। चैत्र नवरात्र में मां की आराधना की जा रही है, तो वहीं रामनवमी के साथ हनुमान जयंती मनाई भी मनाई जाएगी। इस दौरान शहर भर में अष्टमी और नवमी पर कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा और हनुमान जयंती पर सैकड़ों की तादाद में भंडारे होंगे। हालांकि इस बार इन आयोजनों पर मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर भी हो रहा है। रसोई गैस की किल्लत ने भंडारों की व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया है। बड़ी संख्या में होने वाले भंडारों में अब गैस की जगह वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया जा रहा है।
मालूम हो कि शहर में इस दौरान एक हजार से ज्यादा भंडारों का आयोजन किया जाता है, जिसमें तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं। इनमें भोजन बनाने के लिए बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडरों की जरूरत होती है। हालांकि हाल के दिनों में सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से आयोजकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए आयोजकों ने अब लकड़ी, कोयला और बड़े चूल्हों का उपयोग शुरू कर दिया है। पुराने पारंपरिक तरीके फिर से अपनाए जा रहे हैं, ताकि भंडारों की व्यवस्था प्रभावित न हो। हालांकि इससे समय और मेहनत दोनों ज्यादा लग रहे हैं।
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खासकर हनुमान जयंती पर होने वाले भंडारों को लेकर कई समितियों ने ईंधन उपलब्ध कराने के लिए सांसद से लेकर कलेक्टर से तक गुहार लगाई है, तो वहीं कुछ समितियों ने भंडारे में होने वाली संख्या को कम किया जा रहा है।
ऐसे कर रहे जतन
सिलेंडरों की कमी को पूरा करने के लिए समितियां तरह तरह के जतन कर रही हैं। कई समितियों ने अपने सदस्यों को सिलेंडरों की व्यवस्था करने या प्रत्येक सदस्यों को अपने घर से एक सिलेंडर लाने का लक्ष्य दिया है। यही नहीं कई समितियां चंदे के रूप में भक्तों से सिलेंडर की व्यवस्था करने का निवेदन भी कर रही हैं। कई जगह अब भंडारों का आकार छोटा किया जा रहा है।
गैस भट्टी के साथ वैकल्पिक साधनों पर जोर
- सिलेंडरों की कमी से निपटने के लिए कई भंडारों में डीजल भट्टी के साथ लकड़ी और कोयले का उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। हालांकि कोयला महंगा होने से असर बजट पर भी पड़ रहा है। समितियों का कहना है कि सिलेंडर की कमी होने से लकड़ी और कोयले की मांग भी बढ़ गई।
- अष्टमी-नवमी पर 500 से ज्यादा कन्या भोज का आयोजन
- हनुमान जयंती पर 1000 से ज्यादा भंडारे
- रामनवमी पर 200 से ज्यादा भंडारे
- बोलीं समितियां : प्रशासन से लगाई गुहार
- न्यू मार्केट खेड़ापति हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने बताया कि हनुमान जयंती पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें करीबन 15 हजार लोग शामिल होते हैं। भंडारे में भोजन सामग्री बनाने के लिए ईंधन का संकट है, इसके लिए कलेक्टर, एडीएम से गुहार लगाई गई है।
- जहांगीराबाद खेड़ापति हनुमान मंदिर में भी हनुमान जयंती पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यहां करीबन 1500 भक्त शामिल होते हैं। समिति के पदाधिकारी विवेक साहू ने बताया कि इस बार आयोजित भंडारे के लिए सिलेंडर की कमी देखने मिल रही है, इसलिए समिति ने संख्या कम करने का निर्णय लिया है।
- हनुमान जयंती पर कजलीखेड़ा में हनुमान मंदिर पर हर साल भंडारे का आयोजन किया जाता है। मंदिर के व्यवस्थापक जयंती चौरसिया ने बताया कि इस बार सिलेंडर की कमी के चलते कंडे-लकड़ी का इस्तेमाल किया जाएगा, वहीं संख्या भी कम रहेगी। हालांकि उस समय तक स्थिति ठीक हो जाएगी।
- लोहा बाजार स्थित नाथ जी का मंदिर श्री बालाजी भक्त मंडल पदाधिकारी मनोज झांसी ने बताया कि हनुमान जयंती पर शहर का सबसे बड़ा भंडारा आयोजित किया जाएगा। जिसमें 25 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं। सांसद आलोक शर्मा से गुहार लगाई गई है।
- इसके अलावा समिति के पदाधिकारियों से हर-घर से सिलेंडर लाने के लिए कहा गया है।
- राजधानी भोपाल में इस समय चैत्र नवरात्र से लेकर रामनवमी और हनुमान जयंती पर होने कन्या भोज, भंडारे का आयोजन किया जाएगा
- ईंधन की व्यवस्था के लिए कलेक्टर को श्री हिंदू उत्सव समिति सोमवार को ज्ञापन सौपेंगी। टोल फ्री नंबर जारी करने के साथ सिलेंडर की व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की जाएगी।
चंद्रशेखर तिवारी, अध्यक्ष, हिउस