Peoples Update Special :50 की उम्र में इश्क...फिर लिव इन, नहीं बनी तो पहुंचे कोर्ट

पल्लवी वाघेला, भोपाल। लिव इन विवादों के मामलों में जहन में युवा जोड़ों की तस्वीरें ही उभरती हैं, लेकिन अब लिव इन में रह रहे उम्रदराज जोड़ों के विवाद भी मध्यस्थता केंद्र तक पहुंच रहे हैं। इंदौर-भोपाल से ही बीते साल 31 ऐसे मामले मध्यस्थता के लिए पहुंचे। इन सभी जोड़ों ने लिव में रहने की शुरुआत 50 की उम्र के आसपास की। इनमें से 13 मामलों में महिला या पुरुष अपने स्पाउस से कानूनी रूप से अलग नहीं हुए हैं।
यह है स्थिति
भोपाल स्थित दो मध्यस्थता केंद्र में बीते साल लिव इन विवाद के कुल 49 मामले पहुंचे । इनमें से 17 मामलों में कपल उम्रदराज थे। वहीं, इंदौर में लिव इन विवाद के 61 मामलों में से 14 में जोड़े उम्रदराज थे। जबलपुर से भी उम्रदराज कपल के लिव इन विवाद के 6 मामले बीते साल जानकारी में आए। इनमें केवल एक मामले में समझौता हुआ है।
दस साल से लिव इन में थे कपल
दस साल से लिव इन में रह रहे कपल में से 64 वर्षीय पुरुष ने मध्यस्थता केंद्र में गुहार लगाई कि पार्टनर अब साथ रहना नहीं चाहती। वह दस साल से परिवार को छोड़ महिला के साथ लिव इन में रह रहा है। वहीं महिला ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद पुरुष की रोक-टोक बढ़ने लगी थी। महिला ने आजादी की चाह में पति को तलाक दिया था।
पार्टनर अब दूरी बनाना चाहता है
इंदौर की 62 वर्षीय महिला ने कहा कि पांच साल से लिव इन में साथ रह रहा पार्टनर अब अपने बच्चों के दबाव में आकर उससे दूरी बना रहा है। महिला ने बताया कि उसकी बेटी को इस रिश्ते की जानकारी थी, लेकिन पुरुष के विदेश में रह रहे बच्चों को नहीं थी। उन्हें भनक लगने पर पुरुष दबाव में है।
किस क्षेत्र के कितने कपल
सरकारी महकमे से जुड़े कपल – 12
जिम और फिटनेस क्षेत्र - 7
मेडिकल – 2
इंजीनियरिंग – 4
अन्य – 6
सामाजिक दबाव, असुरक्षा के कारण विवाद
उम्रदराज लिव इन कपल्स में अलगाव या विवाद का सबसे बड़ा कारण सामाजिक दबाव और असुरक्षा की भावना होती है। वह इमोशनल सपोर्ट की चाह में एक-दूसरे के साथ आते हैं। जब साथ रहने लगते हैं तो इस उम्र में एडजेस्टमेंट क्वालिटी खो चुके होते हैं। उनकी अपेक्षाओं में भी अंतर होता है। इसके चलते विवाद शुरू होते हैं।
प्रतिभा राजगोपाल, संचालक मध्यस्थता केंद्र












