मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद एक अजीब और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम के खत्म होते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए कृषि स्टॉल से लोगों ने सब्जियां उठाना शुरू कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान एक अधिकारी भी सब्जियां लेते हुए कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुंगेर पहुंचे थे। वे हेलीकॉप्टर से पोलो मैदान में उतरे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। इस दौरान करीब 87 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं और बड़ी संख्या में लोग भी इसमें शामिल हुए थे।
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कार्यक्रम के तहत सफियाबाद हवाई अड्डा मैदान में विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए थे। खास तौर पर कृषि विभाग की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। यहां आलू, प्याज, बैंगन, गाजर सहित कई सब्जियों को प्रदर्शित किया गया था। इन स्टॉल का उद्देश्य किसानों और आम लोगों को आधुनिक खेती और उत्पादन के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान लोग इन स्टॉल को देख रहे थे और जानकारी ले रहे थे।
मुख्यमंत्री का संबोधन जैसे ही समाप्त हुआ और वे कार्यक्रम स्थल से रवाना हुए, माहौल अचानक बदल गया। वहां मौजूद भीड़ अचानक कृषि स्टॉल की ओर दौड़ पड़ी। कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई और लोग सब्जियां उठाकर ले जाने लगे। आलू, प्याज और अन्य सब्जियां तेजी से गायब होने लगीं। वहां मौजूद प्रशासनिक अमला भी स्थिति को संभाल नहीं पाया। देखते ही देखते पूरा स्टॉल खाली हो गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि मौके पर ड्यूटी कर रहा एक अधिकारी भी सब्जियां उठाते हुए कैमरे में कैद हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह भी अन्य लोगों की तरह सब्जियां लेकर जा रहा है।
यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यवस्था की विफलता मान रहे हैं।
इस घटना के बाद जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इतने बड़े कार्यक्रम के बाद सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में हुई चूक को लेकर लोगों में नाराजगी है। हालांकि, अब तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल गर्म है और लोग जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी कार्यक्रम में ही ऐसी स्थिति बन जाए, तो आम दिनों में व्यवस्था का क्या हाल होगा। कुछ लोग इसे मजाक के रूप में ले रहे हैं, लेकिन कई लोग इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मान रहे हैं। खासकर एक अधिकारी का इस तरह कैमरे में कैद होना प्रशासन की छवि पर असर डाल रहा है।