
इंदौर में समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी का काफी विरोध किया जा रहा है। शुक्रवार को शिवाजी वाटिका चौराहे पर उनके पुतले को चप्पल और डंडे से पीटकर जलाया गया। अबू आजमी द्वारा मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ करने पर संस्था देवपथ ने विरोध प्रदर्शन किया। चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और ‘अबू आजमी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। दरअसल, छावा फिल्म की चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि ‘औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए, वह क्रूर शासक नहीं था। छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच धार्मिक नहीं, बल्कि सत्ता की लड़ाई थी।’
अबू आजमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग
अबू आजमी के इस बयान के बाद संस्था देवपथ के संयोजक मुकेश सिंह राजावत और उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि क्रूर शासकों की तारीफ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई।
संयोजक मुकेश सिंह राजावत ने कहा कि ‘अबू आजमी का यह बयान सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि सनातन धर्म और इतिहास का अपमान है। छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज ने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया, ऐसे में उनके अपमान को सहन नहीं किया जाएगा।’
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि अबू आजमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और इस तरह के बयानों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे बयान जारी रहे, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।