आज की डिजिटल दुनिया में कब कौन-सा शब्द या ट्रेंड अचानक वायरल हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया शब्द तेजी से चर्चा में है ‘अल्पाइन डिवोर्स’। नाम सुनने में यह किसी रोमांटिक पहाड़ी सफर जैसा लगता है, लेकिन इसकी हकीकत काफी डरावनी बताई जा रही है।
इंटरनेट पर इस ट्रेंड को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे मजाक या डार्क ह्यूमर की तरह देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और खतरे का संकेत मान रहे हैं। खासकर महिलाओं के बीच इसे लेकर डर और चिंता की चर्चा भी बढ़ गई है।
‘अल्पाइन डिवोर्स’ कोई कानूनी शब्द नहीं है। यह सिर्फ इंटरनेट पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक स्लैंग है। इसका मतलब होता है किसी व्यक्ति का अपने पार्टनर को किसी दुर्गम पहाड़ी इलाके, जंगल या ट्रेकिंग रूट पर अकेला छोड़ देना, जहां से उसका सुरक्षित वापस आना बहुत मुश्किल हो सकता है।
ये भी पढ़ें: 'मेरा आखिरी वीडियो…' डिप्रेशन में UK07 राइडर, परिवार पर लगाए टॉर्चर के आरोप
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग अपने रिश्ते से छुटकारा पाने के लिए ऐसा खतरनाक तरीका अपनाते हैं। वे अपने पार्टनर को घूमने या ट्रेकिंग के बहाने ऊंचे पहाड़ों या सुनसान इलाकों में ले जाते हैं और फिर अचानक उसे अकेला छोड़कर गायब हो जाते हैं। ऐसी जगहों पर ठंड, ऑक्सीजन की कमी, रास्ता भटकने का खतरा और जंगली इलाकों की मुश्किलें किसी भी इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
जरा सोचिए आप अपने पार्टनर के साथ किसी खूबसूरत पहाड़ी जगह घूमने गए हैं। चारों तरफ बर्फीली चोटियां और शांत वादियां हैं। लेकिन अचानक आपका साथी आपको खतरनाक रास्ते पर अकेला छोड़कर गायब हो जाए। ऐसी स्थिति में बिना तैयारी के किसी भी व्यक्ति का बच पाना बेहद मुश्किल हो सकता है।
‘अल्पाइन’ शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर स्विट्जरलैंड, स्कॉटलैंड या यूरोप की ऊंची बर्फीली पहाड़ियों के लिए किया जाता है। इन इलाकों में मौसम तेजी से बदलता है और रास्ते भी बेहद कठिन होते हैं। इसलिए वहां अकेले फंस जाना बहुत खतरनाक माना जाता है।
हालांकि यह शब्द आज सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है, लेकिन इसका इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। साल 1893 में लेखक रॉबर्ट बर्र ने एक लघु कहानी लिखी थी जिसका नाम था ‘एन अल्पाइन डिवोर्स’। इस कहानी में एक पति अपनी पत्नी से छुटकारा पाने के लिए उसे स्विस आल्प्स की पहाड़ियों में ले जाता है और वहां उसे मौत के मुंह में धकेलने की साजिश रचता है।माना जाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह शब्द उसी कहानी से प्रेरित है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे शब्द और ट्रेंड समाज में रिश्तों के बदलते स्वरूप को भी दिखाते हैं। आज के समय में जहां रिश्तों में भरोसा कम होता जा रहा है और ब्रेकअप या तलाक आम बात बन चुके हैं, वहीं सोशल मीडिया पर ऐसे शब्द लोगों के मन में डर और असुरक्षा की भावना भी पैदा कर सकते हैं।
कुछ लोग इसे केवल मजाक के तौर पर लेते हैं, लेकिन कई विशेषज्ञ इसे महिलाओं की सुरक्षा और रिश्तों में विश्वास के लिए चेतावनी मानते हैं।
अगर आप किसी ट्रेकिंग या पहाड़ी यात्रा पर जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां जरूर अपनानी चाहिए।