
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के बीजेपी विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने पूछा कि किस विधायक के सोशल मीडिया पर 1 करोड़ फॉलोअर्स हैं, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे से जुड़े संस्मरण पूछे, जिन पर कुछ विधायकों ने अपने अनुभव साझा किए। यह बैठक 24 फरवरी को इन्वेस्टर्स समिट से एक दिन पहले भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में हुई, जिसमें सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने शेयर किया पर्सनालिटी डेवलपमेंट टिप्स
करीब ढाई घंटे चली इस चर्चा में मोदी ने विधायकों को पर्सनालिटी डेवलपमेंट और चुनाव जीतने की नीतियों पर मार्गदर्शन दिया। बैठक के बाद नेताओं ने इसे शानदार बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी की बातें सुनीं और सरलता से जनता की सेवा करने, योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने और विकास कार्यों में सक्रिय रहने की सलाह दी।
विधायकों से पूछा- अपने क्षेत्र में क्या कर रहे?
पीएम ने विधायकों से कई सवाल किए। मोदी ने पूछा कि विधायक अपने क्षेत्र में क्या विकास कार्य कर रहे हैं? इस पर सिर्फ कुछ विधायकों ने जवाब दिया। उन्होंने सभी से कहा कि वे जनता के बीच जाएं, योजनाओं को जमीन पर लागू करें और चुनाव के लिए अभी से तैयारी करें।
विधानसभा में तैयारी के साथ जाएं: मोदी
पीएम मोदी ने विधायकों को विधानसभा में पूरी तैयारी के साथ जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब विधायक अच्छी तैयारी के साथ बोलते हैं तो अधिकारियों पर असर पड़ता है और विकास कार्य तेजी से होते हैं।
व्यक्ति के विकास से क्षेत्र का विकास
मोदी ने कहा कि अगर विधायक खुद को निखारेंगे तो इससे उनके क्षेत्र का भी विकास होगा। उन्होंने सभी को अपने क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क में रहने और उनकी समस्याओं को समझने की सलाह दी।
पीएम मोदी के साथ मंच पर सीएम, डिप्टी सीएम और वीडी शर्मा
बैठक के लिए बने मंच पर पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा मौजूद थे। सामने विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और वीडी शर्मा ने संक्षिप्त रूप से 4-4 मिनट के भाषण दिए, जिसके बाद पीएम मोदी ने विधायकों से बातचीत की।
इसके साथ बैठक में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित था, और बिना एंट्री पास किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। इंदौर सांसद शंकर लालवानी बिना पास पहुंचे, जिस कारण उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। बाद में उन्होंने अपना पास मंगवाया, तब जाकर उन्हें एंट्री मिली।
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