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दिग्गज बॉक्सर जॉर्ज फोरमैन का निधन : 76 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, दो बार बने हेवीवेट चैंपियन

दिग्गज बॉक्सर जॉर्ज फोरमैन का निधन : 76 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, दो बार बने हेवीवेट चैंपियन
स्पोर्ट्स डेस्क। मशहूर अमेरिकी मुक्केबाज जॉर्ज फोरमैन का 21 मार्च, 2025 को 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके परिवार ने सोशल मीडिया पर यह दुखद खबर साझा की। फोरमैन अपने समय के सबसे ताकतवर और प्रभावशाली मुक्केबाजों में से एक थे। उन्होंने अपने करियर में कई ऐतिहासिक मुकाबले लड़े। उन्होंने 1968 मैक्सिको ओलंपिक में हेवीवेट कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता और बाद में दो बार वर्ल्ड हेवीवेट चैंपियन बने।

जॉर्ज फोरमैन का मुक्केबाजी सफर

फोरमैन ने 19 साल की उम्र में हेवीवेट बॉक्सिंग में अपना दबदबा बनाया। उन्होंने शुरुआती 37 मुकाबले जीते, जिनमें से कई नॉकआउट से थे। 1973 में उन्होंने अपराजित जो फ्रेजियर को हराकर पहली बार वर्ल्ड हेवीवेट चैंपियनशिप जीती। उन्होंने फ्रेजियर को मात्र दो राउंड में तकनीकी नॉकआउट (TKO) से हराकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। हालांकि, 1974 में किंशासा, जैरे (अब कांगो) में हुए ऐतिहासिक "रंबल इन द जंगल" मुकाबले में उन्हें मुहम्मद अली से हार का सामना करना पड़ा। यह मैच मुक्केबाजी इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित मुकाबलों में से एक माना जाता है। इस हार के बाद फोरमैन ने कुछ समय के लिए खेल से दूरी बना ली।

सबसे उम्रदराज चैंपियन बनने का रिकॉर्ड

1977 में बॉक्सिंग से संन्यास लेने के बाद फोरमैन ने धार्मिक जीवन अपनाया और एक उपदेशक बन गए। लेकिन एक दशक बाद 1987 में उन्होंने 38 साल की उम्र में फिर से बॉक्सिंग रिंग में वापसी की। कई लोगों ने उनकी वापसी को संदेह की नजरों से देखा, लेकिन उन्होंने खुद को साबित किया। 1994 में 45 साल की उम्र में उन्होंने माइकल मूरर को हराकर दोबारा वर्ल्ड हेवीवेट टाइटल जीत लिया। यह मुक्केबाजी इतिहास की सबसे चौंकाने वाली वापसी में से एक थी। इस जीत के साथ वह सबसे उम्रदराज हेवीवेट चैंपियन बने।

फोरमैन ने लिखीं कई किताबें

मुक्केबाजी से रिटायर होने के बाद फोरमैन ने बिजनेस की दुनिया में भी सफलता हासिल की। वह "जॉर्ज फोरमैन ग्रिल" के ब्रांड एंबेसडर बने, जिसकी 100 मिलियन से अधिक यूनिट्स बिकीं और इससे उन्होंने करोड़ों डॉलर की कमाई की। उन्होंने किताबें भी लिखीं और एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बनाई। फोरमैन का करियर न केवल उनके मुक्केबाजी कौशल, बल्कि उनकी दृढ़ता, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने वाले जज्बे के लिए भी याद किया जाएगा। उन्होंने 81 मुकाबलों में से 76 में जीत दर्ज की, जिनमें से 68 नॉकआउट थे।

चाहने वालों ने दी श्रद्धांजलि

उनके परिवार ने इंस्टाग्राम पर एक भावनात्मक संदेश साझा किया। जिसमें लिखा गया, "हमारे प्रिय जॉर्ज एडवर्ड फोरमैन सीनियर अब हमारे बीच नहीं रहे। वह एक समर्पित उपदेशक, एक प्यारे पिता, दादा और परदादा थे। उन्होंने विनम्रता, विश्वास और उद्देश्यपूर्ण जीवन जिया। हम उनकी विरासत को संजोएंगे।" उनकी मृत्यु का कारण अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन पूरी दुनिया में उनके प्रशंसक और खेल जगत के लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। जॉर्ज फोरमैन केवल एक महान मुक्केबाज ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व भी थे। जिन्होंने अपने जीवन में कई कठिनाइयों को पार करते हुए सफलता हासिल की। ये भी पढ़ें- इजराइली पीएम ने खुफिया एजेंसी शिन बेट के चीफ को किया बर्खास्त, इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ; नेतन्याहू बोले- उन पर भरोसा नहीं
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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