लॉरेंस गैंग का ‘डिजिटल दिमाग’ गिरफ्तार:वर्चुअल प्लेटफॉर्म से चलाता था गैंग का नेटवर्क

इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी राहुल सिंह राठौर उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में अपने ठिकाने बदल रहा था। उस पर राज्य एसटीएफ द्वारा 15 हजार और क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार राहुल राठौर गैंग का सक्रिय सदस्य होने के साथ-साथ करणी सेना से भी जुड़ा रहा है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए तकनीकी और रणनीतिक सहयोग उपलब्ध कराता था। इंदौर में व्यापारियों और व्यवसायियों को गैंग के नाम पर धमकी देने के मामलों में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण पाई गई है। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपी राजपाल चंद्रावत से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर राहुल तक पहुंच बनाई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
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जांच में पता चला है कि राहुल सिंह राठौर उर्फ बाबा व्यापारियों और कारोबारियों के घर, कार्यालय और अन्य स्थानों की रेकी करता था। इसके अलावा वह गैंग के सदस्यों के बीच पैसों के लेन-देन, समन्वय और अन्य गतिविधियों को संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभाता था। आरोपी गैंग के सदस्यों को तकनीकी सहायता, संसाधन और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराकर आपराधिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद करता था। पुलिस के मुताबिक राहुल विभिन्न तकनीकी माध्यमों और वर्चुअल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में सहयोग कर रहा था। उसके मोबाइल, डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे गैंग के नेटवर्क और गतिविधियों को लेकर और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
क्राइम ब्रांच को आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है, जिसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का मानना है कि राहुल की गिरफ्तारी से प्रदेश में सक्रिय गैंग नेटवर्क के कई अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारियों को धमकाने के मामलों में दर्ज अपराध क्रमांक 48/2026 और 50/2026 में थाना अपराध शाखा इंदौर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5) और 351(4) के तहत प्रकरण दर्ज हैं। मामले में पूछताछ जारी है और पुलिस को कई महत्वपूर्ण खुलासों की उम्मीद है।












