भारत में भूकंप का खतरा?कभी राजस्थान, कभी लद्दाख, बार-बार क्यों कांप रही है धरती?

लेह। गुरुवार सुबह लद्दाख के लेह में भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह झटका सुबह करीब 3 बजकर 54 मिनट पर आया, जब ज्यादातर लोग नींद में थे। अचानक धरती हिलने लगी तो लोग घबरा गए और तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने खुले मैदान या सड़कों पर खड़े होकर खुद को सुरक्षित महसूस किया।
भूकंप भले ही ज्यादा बड़ा नहीं था, लेकिन अचानक आए झटकों ने लोगों को डरा दिया। पहाड़ी इलाकों में इस तरह के झटके अक्सर ज्यादा महसूस होते हैं, इसलिए लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया।
रिक्टर स्केल पर 4.1 रही तीव्रता
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई। आम तौर पर 4 से 5 के बीच के भूकंप को हल्का माना जाता है, लेकिन यह झटके लोगों को साफ महसूस होते हैं। इस भूकंप की खास बात यह रही कि इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 150 किलोमीटर थी। ज्यादा गहराई में आने वाले भूकंप का असर जमीन पर थोड़ा कम महसूस होता है, इसलिए नुकसान की संभावना भी कम रहती है।
कहीं से नुकसान की खबर नहीं
इस भूकंप के बाद राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। न तो किसी इमारत को नुकसान हुआ और न ही किसी के घायल होने की सूचना मिली है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से भी अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों से दूर रहें।
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राजस्थान में भी आया था भूकंप
लेह में आए इस भूकंप से एक दिन पहले राजस्थान में भी धरती कांपी थी। बुधवार को राजस्थान के खैरताल-तिजारा इलाके में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 थी, जो काफी हल्की मानी जाती है। हालांकि इसकी गहराई जमीन से केवल 3 किलोमीटर नीचे थी, इसलिए आसपास के लोगों ने इसे साफ महसूस किया। वहां भी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं आई।
लगातार क्यों आ रहे हैं भूकंप के झटके?
पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर बार-बार भूकंप क्यों आ रहे हैं? वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। पृथ्वी की सतह कई बड़े-बड़े हिस्सों में बंटी होती है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेट्स हमेशा धीरे-धीरे हिलती रहती हैं।
भूकंप आने की असली वजह
जब ये टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से दूर जाती हैं या एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं, तो जमीन के अंदर दबाव (तनाव) बनने लगता है। जब यह दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो प्लेट्स अचानक फिसल जाती हैं। इसी फिसलन से जो ऊर्जा निकलती है, वह धरती को हिलाती है और हमें भूकंप के रूप में महसूस होती है।
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क्या छोटे भूकंप खतरनाक होते हैं?
छोटी तीव्रता वाले भूकंप, जैसे 3.0 या 4.1, आमतौर पर ज्यादा खतरनाक नहीं होते। ये सिर्फ हल्के झटके देते हैं और ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार छोटे झटके आना इस बात का संकेत हो सकता है कि जमीन के अंदर हलचल जारी है। इसलिए ऐसे मामलों पर नजर रखना जरूरी होता है।
भूकंप के समय क्या करें?
भूकंप कभी भी और कहीं भी आ सकता है, इसलिए हर किसी को कुछ जरूरी सावधानियां पता होनी चाहिए-
- अगर आप घर के अंदर हैं, तो मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं।
- खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें।
- अगर बाहर हैं, तो खुले मैदान में चले जाएं।
- लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
- शांत रहें और घबराएं नहीं।











