सीहोर: 3, 10, 17 और 25 अगस्त को निकलेगी भव्य कावड़ यात्रा, सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक गूंज रहे हर-हर महादेव के जयघोष

सीहोर। सावन माह में कुबेरेश्वरधाम की ओर उमड़ रही शिवभक्तों की आस्था अपने चरम पर है। आगामी 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 25 अगस्त को निकलने वाली भव्य कावड़ यात्राओं को लेकर अभी से शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया है। सीवन नदी तट पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है, जहां पूजा-अर्चना के बाद शिवभक्त पवित्र जल लेकर लगभग 11 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। नदी तट पर मेले जैसा वातावरण बन गया है और हर ओर हर-हर महादेव तथा श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयघोष गूंज रहे हैं।
सीवन नदी तट से शुरू हो रही आस्था की पदयात्रा
पिछले चार-पांच दिनों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीवन नदी से जल भरकर पैदल कुबेरेश्वरधाम की ओर रवाना हो रहे हैं। कई श्रद्धालु रेलवे स्टेशन से दंडवत यात्रा करते हुए भी धाम पहुंच रहे हैं। बारिश और तेज धूप के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह कम नहीं हो रहा है। पूरे मार्ग पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है।
श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यापक तैयारियां
कावड़ यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर समाजसेवियों और विठलेश सेवा समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। जगह-जगह स्वागत मंच, पेयजल, चाय, फलाहारी खिचड़ी, भोजन और विश्राम की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कुबेरेश्वरधाम पहुंचने पर पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित समिति के सदस्य श्रद्धालुओं का सम्मानपूर्वक स्वागत कर रहे हैं।
प्रदीप मिश्रा ने दिया सेवा और संयम का संदेश
अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कावड़ यात्रा को आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवान शिव तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग सच्ची श्रद्धा, निष्कपट भाव और सेवा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पूरी यात्रा अनुशासन, संयम और भक्ति भाव के साथ संपन्न करें, जिससे यह आयोजन शिवभक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बन सके।
चार तिथियों पर निकलेगी विशाल कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि सावन माह में 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 25 अगस्त को भव्य कावड़ यात्राएं आयोजित की जाएंगी। इन यात्राओं में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। पहली भव्य कांवड़ यात्रा 3 अगस्त को शाम 4 बजे शहर के सीवन नदी तट से विठलेश सेवा समिति नगर इकाई के नेतृत्व में निकाली जाएगी।
ये भी पढ़ें: Ujjain Mahakal Sawari: महाकाल की नगरी में भक्ति का महासागर, 6 सवारियों के साथ लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी
धार्मिक बाजारों में बढ़ी रौनक
कावड़ यात्रा को लेकर सीवन नदी तट और आसपास के क्षेत्रों में पूजा सामग्री, कावड़, भगवा वस्त्र, बेलपत्र, रुद्राक्ष, ध्वज और धार्मिक सामग्री की दुकानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। व्यापारियों के अनुसार सावन के साथ ही धार्मिक खरीदारी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पूरे शहर में शिवभक्ति का माहौल बना हुआ है और कुबेरेश्वरधाम की ओर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या यह संकेत दे रही है कि इस बार की कावड़ यात्राएं पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक होंगी।
ये भी पढ़ें: झारखंड : सोरेन ने दीं श्रावण मास में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं












