Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

वंदे मातरम विवाद पर सियासी विस्फोट: केके मिश्रा का ट्वीट  " राष्ट्रधर्म नहीं निभा सकते हैं  वे जाएं भाड़ में, पाकिस्तान जाकर बसें

 केके मिश्रा का ट्वीट  " राष्ट्रधर्म नहीं निभा सकते हैं  वे जाएं भाड़ में, पाकिस्तान जाकर बसें
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर -- नगर निगम में वंदे मातरम को लेकर भड़के विवाद के बाद अब सियासी घमासान और तेज हो गया है। बयानबाजी का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और नेताओं के बीच तीखे, आक्रामक और आपत्तिजनक आरोपों की झड़ी लग गई है।

    इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी  के मीडिया विभाग के चेयरमैन  केके मिश्रा ने अपनी तीखी टिप्पणी देते हुए कहा हैं कि जो लोग राष्ट्रधर्म नहीं निभा सकते हैं, वन्दे मातरम् नहीं बोल सकते हैं, वे जाएं “भाड़” में, पाकिस्तान जाकर बसें…. पार्षद रूबीना ख़ान का बयान राजनैतिक ब्लैकमेलिंग, भाजपा से मिलीजुल कर किया गया खेला, बयान आज़ादी के संग्राम में और भारतीय सेना में योगदान/बलिदान देने वाले मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों/सैनिकों का भी अपमान”….. वही केके मिश्रा ने लिखा हैं कि शहर अध्यक्ष  चिंटू जी आप भाजपा-रूबीना जी दोनों को सबक़ दीजिए। ट्वीट में यह यह भी लिखा हैं कि शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे जी आप उस पार्टी के स्थानीय अध्यक्ष हैं जिसके पुरोधाओं ने भारत माता को ग़ुलामी की ज़ंजीरों से मुक्त कराया था। लिहाज़ा, हमारे ‘बाप’ में दम है, रूबीना ख़ान जी को नोटिस नहीं, कांग्रेस से बर्खास्त कीजिए, जहां जाना चाहती हैं, चली जाएं

     

    /img/67/1775709590781

     

    वहीं, पार्षद रूबीना खान के बयान को लेकर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है। आरोप लगाया गया कि उनका बयान राजनीतिक दबाव और साजिश का हिस्सा है, जिसे भाजपा के साथ मिलकर हवा दी गई। साथ ही इसे उन मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों का अपमान बताया गया, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया। इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा पर भी निशाना साधा गया। आरोप लगाया गया कि पार्टी इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है, जबकि अपने ही नेताओं के कथित विवादित बयानों पर कार्रवाई करने में नाकाम रही है। कहा गया कि भाजपा का रुख दोहरा और अवसरवादी है, जो केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उछालती है।

    स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व पर भी दबाव बनाया गया है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे से मांग की गई है कि वे सख्त कदम उठाते हुए पार्षद रूबीना खान को पार्टी से बाहर करें। बयान में यह भी कहा गया कि पार्टी को ऐसे लोगों को शामिल करने से पहले उनकी निष्ठा और पृष्ठभूमि की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

    Latest Posts