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गैस नहीं तो करंट का करारा झटका :रसोई से बाथरूम तक बदली आदतों ने एक महीने में दोगुना किया बिजली खर्च

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विक्रेता रोशन तलरेजा बताते हैं कि गैस संकट शुरू होते ही इंडक्शन चूल्हे, इलेक्ट्रिक गीजर और हीटिंग रॉड की बिक्री में तेज उछाल आया था।
रसोई से बाथरूम तक बदली आदतों ने एक महीने में दोगुना किया बिजली खर्च
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पीपुल्स संवाददाता, भोपाल। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे शहर के घरों तक पहुंच गया है। गैस सिलेंडरों की किल्लत के कारण लोग घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं, वहीं कई परिवारों ने इंडक्शन, माइक्रोवेव और इलेक्ट्रिक रॉड जैसे विकल्प अपनाना शुरू कर दिया है। इन विकल्पों ने राहत तो दी, लेकिन अब बिजली बिल ने बड़ा झटका दे दिया है। एक महीने के भीतर ही कई घरों का बिल दोगुना तक पहुंच गया है, जिससे घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

    शहर में हालात यह हैं कि सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक अब इंडक्शन पर निर्भरता बढ़ गई है। नहाने के लिए गीजर और रॉड का इस्तेमाल आम हो गया है। लगातार चलने वाले इन उपकरणों ने बिजली खपत को तेजी से बढ़ा दिया है। पहले जो परिवार सीमित यूनिट में रहते थे, वे अब उच्च स्लैब में पहुंच रहे हैं, जहां प्रति यूनिट दर ज्यादा होती है। यही कारण है कि बिल में अचानक उछाल देखने को मिल रहा है।

    कैसे बढ़ा बिजली बिल

    इंडक्शन चूल्हा औसतन 1500 से 2000 वॉट तक बिजली खपत करता है, वहीं इलेक्ट्रिक गीजर और रॉड 2000 वॉट से अधिक लोड लेते हैं। दिन में कई बार इनके उपयोग से यूनिट तेजी से बढ़ती हैं। पहले जहां एक परिवार 1500 से 2000 रुपए में महीने का काम चला लेता था, अब वही खर्च 3 से 4 हजार रुपए तक पहुंच गया है। स्लैब रेट बढ़ने से बिल और ज्यादा भारी हो जाता है।

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    उपकरणों की बिक्री अब भी सामान्य से ज्यादा

    इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विक्रेता रोशन तलरेजा बताते हैं कि गैस संकट शुरू होते ही इंडक्शन चूल्हे, इलेक्ट्रिक गीजर और हीटिंग रॉड की बिक्री में तेज उछाल आया था। दुकानदारों के अनुसार अब शुरुआती तेजी थोड़ी कम हुई है, लेकिन बिक्री अभी भी सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा बनी हुई है। 15 दिन पहले तक हमने हर दिन 50 इंडक्शन तक बेच रहे थे, जो अब 15 से 20 पहुंच चुका है, हालांकि यह भी सामान्य से दोगुना है।

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    लोगों ने क्या किया, कैसे बढ़ गया बिल

    केस एक :
    राहुल वर्मा (कोलार) ने बताया कि गैस नहीं मिल रही, पूरा खाना अब इंडक्शन पर बना रहे हैं। गर्म करने के लिए भी माइक्रोवेव का इस्तेमाल हो रवा है। इसका असर यह हुआ कि जो बिज पहले 1800 आता था, इस बार 3700 रुपए का आया।

    केस दो :

    संगीता मिश्रा (अयोध्या नगर) ने बताया कि सुबह स्कूल जाने के लिए गैस पर पानी गर्म करते थे, लेकिन पानी गर्म करने रॉड रोज चल रही है। माइक्रोवेव की उपयोग भी हो रहा है। बिल 1500 से 1800 आता था, इस बार 3200 रुपए बिल आया है।
    बिजली बचत के लिए क्या करें

    - सोलर वाटर हीटर या सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों का उपयोग बढ़ाएं।

    - इंडक्शन का उपयोग सीमित समय के लिए करें और प्रेशर कुकर जैसे पारंपरिक तरीकों को अपनाएं।

    - गीजर को लंबे समय तक चालू रखने से बचें, जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करें।

    - ऊर्जा दक्ष (5 स्टार) उपकरणों का उपयोग करें।

    अचानक बढ़ी बिजली खपत से बिल दोगुना होना स्वाभाविक है। यदि लोग सौर ऊर्जा और ऊर्जा दक्ष उपकरण अपनाएं तो 20-30 प्रतिशत तक बिल कम किया जा सकता है।

    डॉ. अनिल शर्मा, ऊर्जा विशेषज्ञ

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    By Aakash Waghmare

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