पीपुल्स संवाददाता, इंदौर। निगम के बजट बहस सम्मेलन में वंदे मातरम गान को लेकर मामला तूल पकड़ रहा है। गान नहीं करने को लेकर निगम ने एमजी रोड थाने में निर्दलीय पार्षद रूबीना खान और कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के खिलाफ आपत्ति लगाई थी। इस पर पुलिस ने शनिवार को सभापति और दो पार्षदों के बयान दर्ज किए।
थाना प्रभारी विजयसिंह सिसौदिया ने बताया कि बयान के लिए सभापति मुन्नालाल यादव, पार्षद कमल वाघेला और सुरेश कुरवाड़े पहुंचे थे। तीनों ने पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार बताते हुए अपने-अपने बयान दर्ज कराए। इसमें सभी ने वंदे मातरम नहीं गाने को लेकर दोनों पार्षदों के कृत्य की निंदा भी की।
नगर निगम ने अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट 7 अप्रैल के पेश किया था। इसके दूसरे दिन 8 अप्रैल को मेयर इन कौंसिल सदस्य, सभी दलों के पार्षदगणों के समक्ष बजट सत्र आयोजित किया गया था। इसमें पारित किए गए बजट पर बहस हुई थी। बहस शुरू करने से पहले निगम ने वंदे मातरम गान के लिए पार्षदों को खड़े होने के लिए संबोधित? किया था। इस पर दोनों पार्षदों ने गान से यह कहकर इनकार कर दिया कि उनके धर्म में इसकी मान्यता नहीं है।
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उधर, घटनाक्रम के बाद हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पोस्ट किया। इसमें कहा कि जो भी महिला पार्षद फौजिया शेख अलीम का मुंह काला करेगी, उसे मंच की ओर से 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। हालांकि, अब तक किसी महिला ने मुंह काला करने को लेकर हामी नहीं भरी है।