खिलचीपुर अस्पताल की 3 दुकानें सील, 1.95 लाख रुपए किराया था बकाया; कार्रवाई शुरू होते ही कुछ दुकानदारों ने जमा की राशि

खिलचीपुर के शासकीय अस्पताल परिसर के बाहर संचालित रोगी कल्याण समिति की दुकानों से बकाया किराया वसूलने के लिए प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई की। लंबे समय से किराया जमा नहीं करने वाले तीन दुकानदारों की दुकानें सील कर दी गईं। इन तीन दुकानों पर कुल 1 लाख 95 हजार रुपए का किराया बकाया था। कार्रवाई एसडीएम ज्योति राजोरे के निर्देश पर की गई। प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचते ही कुछ अन्य दुकानदारों ने भी अपना बकाया किराया जमा कर दिया और भुगतान की रसीद प्राप्त की।
नोटिस और अतिरिक्त समय के बाद भी नहीं जमा किया किराया
शासकीय अस्पताल के बाहर रोगी कल्याण समिति की कुल 18 दुकानें संचालित हैं। इनका आवंटन अस्पताल प्रबंधन की ओर से नीलामी के जरिए किया गया था। समिति की शर्तों के अनुसार प्रत्येक दुकानदार को हर महीने 1,500 रुपए किराया जमा करना होता है। कुछ दुकानदारों द्वारा लंबे समय से नियमित किराया जमा नहीं किए जाने के कारण बकाया राशि बढ़ती गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सभी दुकानों से संबंधित कुल बकाया राशि करीब 5 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। बकाया वसूली के लिए संबंधित दुकानदारों को पहले नोटिस जारी किए गए। 16 जुलाई को जारी नोटिस में सात दिन के भीतर बकाया किराया जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
बैठक के बाद दिया गया था दो दिन का अतिरिक्त समय
नोटिस के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं होने पर 30 जुलाई को रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेडिकल ऑफिसर डॉ. कमल दांगी ने दुकानों के बकाया किराए का मामला रखा। बैठक में बकाया राशि की वसूली और भुगतान नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद एसडीएम की ओर से बकायादार दुकानदारों को दो दिन का अतिरिक्त समय दिया गया। इस अवधि में कुछ दुकानदारों ने बकाया राशि जमा कर दी लेकिन तीन दुकानदारों ने अतिरिक्त समय मिलने के बावजूद किराया जमा नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने उनकी दुकानों को सील करने की कार्रवाई की।
इन तीन दुकानों पर था 1.95 लाख रुपए बकाया
शनिवार को प्रशासनिक टीम ने अस्पताल परिसर पहुंचकर दुकान नंबर 10, 17 और 18 को सील कर दिया।
- दुकान नंबर 10: संचालक मंदसौर बाई सौंधिया पर 49 हजार रुपए बकाया
- दुकान नंबर 17: संचालक बल्लभ बाई सौंधिया पर 63 हजार रुपए बकाया
- दुकान नंबर 18: संचालक पर्वत बाई सौंधिया पर 83 हजार रुपए बकाया
- तीनों दुकानों का कुल बकाया 1 लाख 95 हजार रुपए बताया गया है।
कार्रवाई शुरू होते ही अन्य दुकानदारों ने जमा किया किराया
प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने और सीलिंग की कार्रवाई शुरू करने के बाद अन्य दुकानदारों में भी बकाया किराया जमा करने को लेकर हलचल दिखाई दी। कुछ दुकानदारों ने मौके पर ही अपनी बकाया राशि जमा की और भुगतान की रसीद भी प्राप्त की। प्रशासन की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य रोगी कल्याण समिति की दुकानों से लंबे समय से बकाया किराए की वसूली करना बताया गया है।
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दुकानों के हस्तांतरण को लेकर भी शिकायत
रोगी कल्याण समिति की दुकानों को लेकर एक अन्य शिकायत भी सामने आई है। आरोप है कि कुछ दुकानदारों ने दुकान आवंटित होने के बाद समिति की तय शर्तों के विपरीत उसे अधिक राशि में किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया या दूसरे व्यक्ति को किराए पर संचालित करने के लिए सौंप दिया। अब प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की ओर से दुकानों के वास्तविक संचालन और आवंटन की शर्तों की भी जांच की जा रही है।
आवंटन की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर
प्रशासन यह भी देख रहा है कि नीलामी के दौरान तय नियमों और शर्तों के अनुसार ही सभी दुकानों का संचालन किया जा रहा है या नहीं। दुकानों को किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने या निर्धारित शर्तों के विपरीत उपयोग किए जाने की शिकायतों की भी जांच की जाएगी। बकाया किराए की वसूली के साथ रोगी कल्याण समिति की दुकानों की व्यवस्था को नियमों के अनुरूप बनाए रखने पर भी प्रशासन ने जोर दिया है।












