खिलचीपुर: अंबावता में कृषि विभाग ने आयोजित किया कृषक प्रशिक्षण, प्राकृतिक खेती की जानकारी दी

राजगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र राजगढ़ के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र कुमार कौशिक ने तिलहनी फसलों का रकबा और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोयाबीन, मूंगफली और सरसों जैसी फसलों के प्रसंस्करण से स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
तिलहन फसलों का रकबा और उत्पादन बढ़ाना जरूरी
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र कुमार कौशिक ने कहा कि खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तिलहनी फसलों का रकबा और उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने सोयाबीन, मूंगफली, सरसों जैसी फसलों का प्रसंस्करण से स्वरोजगार के अवसरों पर भी प्रकाश डाला।
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सोयाबीन फसल के कीट नियंत्रण की जानकारी
डॉ. सुरेंद्र कुमार कौशिक ने सोयाबीन फसल में लगने वाले कीट जैसे तना मक्खी, सफेद मक्खी, सेमीलूपर, गिर्डल बीटल और इल्ली के नियंत्रण रोकने के उपाय भी बताए। उन्होंने किसानों को फसल में कीटों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकी अपनाने की जानकारी दी।
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर सचिन परमार ने प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत बनाने की विधि भी बताई और उनसे होने वाले भूमि और फसल में लाभ के बारे में जानकारी दी।
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विभागीय योजनाओं और मिट्टी परीक्षण की जानकारी
खिलचीपुर के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के.के. जाटव ने विभागीय योजना की जानकारी दी और खेत में अधिक जल भराव से होने वाले फसल में नुकसान भी बताएं। उन्होंने उचित जल निकास की सलाह दी। कृषि विस्तार अधिकारी सचिन परमार ने मिट्टी परीक्षण की जानकारी दी और किसान भाइयों को मिट्टी परीक्षण से होने वाले लाभ भी बताए।













