कटनी: ग्रामीणों ने की सड़क की मांग, कलेक्टर ने पैदल चलकर लिया जायजा; फिर बाइक चलाकर एसपी को पीछे बैठाया

कटनी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत अधिकारियों का दल ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं जानने पहुंचा था। ग्राम हल्का में ग्रामीणों ने बताया कि बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग मिट्टी और मुरूम का बना है। बरसात में मुरूम बह जाने से सड़क जगह-जगह कीचड़ में बदल जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। कलेक्टर ने समस्या को केवल सुनने के बजाय खुद मौके पर जाकर सड़क की वास्तविक स्थिति देखी।
ग्रामीणों की मांग पर बोले- चलकर देखते हैं
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत अतरसूमा के ग्राम हल्का में ग्रामीणों ने कलेक्टर आशीष तिवारी के सामने सड़क की मांग रखी। कलेक्टर ने अधिकारियों की ओर देखने के बजाय ग्रामीणों से सहजता से कहा, 'चलिए, चलकर देखते हैं...।' इसके बाद कलेक्टर तिवारी ग्रामीणों के साथ करीब एक किलोमीटर तक पैदल चले और सड़क की स्थिति को करीब से देखा। आगे का रास्ता मुश्किल होने पर गांव के ही एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल से निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
कलेक्टर ने खुद बाइक चलाई, एसपी पीछे बैठे
कलेक्टर तिवारी ने खुद मोटरसाइकिल की कमान संभाली और पीछे पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को बैठाकर बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग की ओर निकल पड़े। करीब दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर कलेक्टर और एसपी ने खुद बाइक से सफर करते हुए सड़क की वास्तविक स्थिति देखी। यह सिर्फ सड़क का निरीक्षण नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की समस्या को उसी परिस्थिति में महसूस करने की कोशिश थी, जिसका सामना वे रोज करते हैं। कलेक्टर के इस अंदाज की ग्रामीणों के बीच चर्चा होती रही।
बरसात में मुरूम बहने से कीचड़ में बदल जाती है सड़क
दरअसल, ग्राम पंचायत सिलौंडी में आयोजित जन विश्वास अभियान के शिविर में पहुंचने के पहले संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और जिला पंचायत सीईओ आसपास के गांवों की समस्याएं जानने के लिए दौरे पर थे। इसी दौरान ग्राम हल्का में बोंदा तिराहा के पास अधिकारियों को ग्रामीणों ने बताया कि बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग मिट्टी और मुरूम का बना है। बरसात में बारिश के कारण मुरूम बह जाने से सड़क जगह-जगह कीचड़ में बदल जाती है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है।
पक्की सड़क के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश
कलेक्टर ने समस्या को केवल सुनकर अधिकारियों को निर्देश देने के बजाय खुद मौके पर जाकर सड़क की हकीकत देखने का निर्णय लिया। करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद मोटरसाइकिल से आगे का रास्ता तय कर उन्होंने सड़क की स्थिति को प्रत्यक्ष देखा। निरीक्षण के बाद कलेक्टर तिवारी ने अधिकारियों को बोंदा तिराहा से बसहरा मार्ग को पक्की सड़क में विकसित करने के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर और एसपी के मोटरसाइकिल से सड़क का निरीक्षण करने की खबर जैसे ही ग्रामीणों तक पहुंची, मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी और ग्रामीणों के लिए यह दृश्य खास बन गया।













