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दमोह: बरधारी में चौपड़ प्रतियोगिता शुरू, कई गांवों के लोग ले रहे हिस्सा

दमोह जिले के ग्राम बरधारी में ग्रामीणों द्वारा प्राचीन खेल और आपसी मेल-जोल की परंपरा को जीवंत बनाए रखा जा रहा है। यहां 5 अगस्त से ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक खेल चौपड़ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विजेता और उपविजेता को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
दमोह: बरधारी में चौपड़ प्रतियोगिता शुरू, कई गांवों के लोग ले रहे हिस्सा
बरधारी में चौपड़ प्रतियोगिता शुरू

दमोह। बरधारी में पिछले वर्ष भी चौपड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस वर्ष आसपास के विभिन्न गांवों से खेलप्रेमी प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंच रहे हैं। दिनभर गांव में चौपड़ खेलने वालों के साथ-साथ खेल देखने वाले भी दिखाई देते हैं।

गांव में फिर सजी चौपड़ की बिसात

बरधारी में 5 अगस्त से ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक खेल चौपड़ का आयोजन किया जा रहा है। आधुनिक दौर में जहां लोगों का ज्यादातर समय मोबाइल और इंटरनेट पर बीत रहा है, वहीं ग्रामीण इस प्राचीन खेल के माध्यम से आपसी मेल-जोल की परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं।

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आसपास के गांवों से पहुंच रहे खेलप्रेमी

ग्रामीणों ने बताया कि बरधारी में पिछले वर्ष भी चौपड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस साल भी आसपास के विभिन्न गांवों से खेलप्रेमी इसमें शामिल होने पहुंच रहे हैं। दिनभर गांव में चौपड़ खेलने वालों के साथ-साथ खेल देखने वाले भी दिखाई देते हैं।

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चार खिलाड़ियों की जोड़ी से खेला जाता है चौपड़

चौपड़ प्राचीन भारत के प्रसिद्ध पासे और गोटियों वाले खेलों में शामिल है। यह कपड़े से बने चार भुजाओं वाले क्रॉस के आकार के बोर्ड पर खेला जाता है, जिसमें लकड़ी की गोटियों और चाल चलने के लिए लंबे लकड़ी के पासों का उपयोग किया जाता है।

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आपसी प्रेम और भाईचारे का माध्यम बनी प्रतियोगिता

आमतौर पर चार खिलाड़ी दो-दो की जोड़ी बनाकर खेलते हैं। प्रत्येक खिलाड़ी के पास चार गोटियां होती हैं। प्रतियोगिता ग्रामीणों के लिए मनोरंजन के साथ आपसी प्रेम, भाईचारे और सामंजस्य का माध्यम भी बनी हुई है। विजेता और उपविजेता को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

Dheeraj Jonsan
By Dheeraj Jonsan

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