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खमरिया फैक्ट्री को मिला 2280 करोड़ का उत्पादन लक्ष्य… वायुसेना के लिए हाई‑टेक बम बनाना शुरू

जबलपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ने वायुसेना के लिए 2280 करोड़ के लक्ष्य में से 900 करोड़ का उत्पादन कर सफलता की नई ऊंचाई छुई है। देश की 41 आयुध फैक्ट्रियों में यह फैक्ट्री अब भी टॉप पर बनी हुई है।
खमरिया फैक्ट्री को मिला 2280 करोड़ का उत्पादन लक्ष्य…  वायुसेना के लिए हाई‑टेक बम बनाना शुरू
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर। खमरिया स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री देश की रक्षा ताकत को नए पंख दे रही है। भारतीय वायुसेना के लिए यहां आधुनिक बमों का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। 2280 करोड़ रुपए के उत्पादन लक्ष्य में से फैक्ट्री अब तक 900 करोड़ का काम पूरा कर चुकी है।  देश की 41 आयुध निर्माणियों में जबलपुर की यह फैक्ट्री लगातार अव्वल बनी हुई है, जो इसे भारत की सैन्य तैयारी का सिरमौर साबित करती है। रक्षा उत्पादन में यह उपलब्धि न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि देश की सुरक्षा को भी और अटूट बना रही है।

    बीएमपी-2 हुआ और ताकतवर

    बीएमपी-2 सीरीज को और अधिक शक्तिशाली बनाया गया है। इस साल निर्माणी को 2280 करोड़ रुपए के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य मिला है, जिसमें से 900 करोड़ रुपए का काम पूरा हो चुका है। मार्च तक पूरा लक्ष्य हासिल करने का अनुमान है।

    पिछले साल भी बनाया रिकॉर्ड

    पिछले साल निर्माणी को 1800 करोड़ रुपए का टारगेट मिला था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। देश की सभी 41 आयुध निर्माणियों में यह फैक्ट्री अव्वल रही थी। यह प्रदर्शन एक रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज हुआ।

    ओएफके देश की नंबर वन निर्माणी

    ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में लगातार देश की सबसे आगे रहने वाली फैक्ट्री बनी हुई है। एमआईएल समूह की यह इकाई फिर से नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में बढ़ रही है। इस बार भी वायुसेना के लिए कई अहम हथियार और उपकरण तैयार किए जा रहे हैं।

    ऑपरेशन सिंदूर में ओएफके के हथियारों की अहम भूमिका

    पिछले अभियानों में ओएफके द्वारा बनाए गए हथियारों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। एल-70 गन में इस्तेमाल हुआ एम्युनेशन दुश्मनों पर हमला करने में सफल साबित हुआ।

    रूसी विशेषज्ञ दे रहे तकनीकी सहयोग

    रूस के साथ मिलकर चल रहे मैंगो बम प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है। रूसी विशेषज्ञ इन दिनों ओएफके में मौजूद हैं और निर्माणी की टीम को इस तकनीक से जुड़ी ट्रेनिंग दे रहे हैं।

    पिकोरा बम की री-फीलिंग पर रोक

    रूस में बने पिकोरा बम की री-फीलिंग का काम फिलहाल रोक दिया गया है। पिछले साल इस प्रक्रिया में दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी। घटना की जांच जारी है और रिपोर्ट के बाद ही उत्पादन को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

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