CG NEWS: सात महीने बाद भी अधूरी जांच: सीएमएचओ ने बीएमओ को भेजा दूसरा स्मरण पत्र, ‘घोर लापरवाही’ का किया उल्लेख

RAIPUR NEWS। खैरागढ़ जिले में कथित अवैध क्लिनिक, अपंजीकृत चिकित्सा गतिविधियों और अवैध पैथोलॉजी जांच केंद्रों के खिलाफ दर्ज शिकायत की जांच सात महीने बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को दूसरा स्मरण पत्र जारी कर जांच प्रतिवेदन में देरी को "घोर लापरवाही" बताया गया है। मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच प्रक्रिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता मीना पाल ने 28 अक्टूबर 2025 को ग्राम बाजार अतरिया और ग्राम नर्मदा में कथित रूप से अपंजीकृत व्यक्ति द्वारा क्लिनिक संचालन तथा नियमों के विपरीत चिकित्सा एवं जांच गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत सीएमएचओ कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत में ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन पर खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई थी।
दो अधिकारियों को सौंपी गई थी जांच
शिकायत मिलने के बाद 29 अक्टूबर 2025 को बाजार अतरिया मामले की जांच नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी को सौंपी गई। वहीं 24 नवंबर 2025 को ग्राम नर्मदा प्रकरण की जांच खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान को दी गई थी।
सात दिन की समय सीमा, सात महीने का इंतजार
विभागीय आदेश में संयुक्त जांच दल से जांच कर सात दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सात महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एक मामले की जांच रिपोर्ट विभाग को प्राप्त नहीं हो सकी है।
सीएमएचओ का दूसरा स्मरण पत्र सामने आया
28 अप्रैल 2026 को जारी स्मरण पत्र क्रमांक-02 में सीएमएचओ कार्यालय ने बीएमओ छुईखदान को पूर्व निर्देशों की याद दिलाते हुए कहा है कि जांच प्रतिवेदन अब तक प्रस्तुत नहीं किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने से शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है और यह कार्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही दो दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बीएमओ ने बताई देरी की वजह
खंड चिकित्सा अधिकारी छुईखदान का कहना है कि यह जांच किसी एक अधिकारी के स्तर पर संभव नहीं है। नियमों के अनुसार एसडीएम, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम आवश्यक होती है। उन्होंने बताया कि एसडीएम को दो बार पत्र भेजा जा चुका है और समय मिलने पर संयुक्त जांच कराई जाएगी।
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एक रिपोर्ट मिली, दूसरी का इंतजार
सीएमएचओ ने बताया कि जांच के लिए खैरागढ़ और छुईखदान के बीएमओ सहित नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई थी। खैरागढ़ क्षेत्र की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि छुईखदान की रिपोर्ट अब तक लंबित है। रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य मंत्री से लगाई गुहार
कार्रवाई में लगातार हो रही देरी से नाराज शिकायतकर्ता मीना पाल ने स्वास्थ्य मंत्री को पुनः शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई तथा जांच में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।












