PM आवास मार्च पर रोके गए केजरीवाल!बीच सड़क धरने पर बैठे; E20 के खिलाफ सौंपना चाहते थे 2 लाख से ज्यादा चिट्ठियां

नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को E20 फ्यूल नीति के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने पहुंचे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, जैस्मिन शाह और अन्य AAP नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। AAP का कहना है कि पार्टी देशभर से 2.30 लाख से ज्यादा लोगों की हस्ताक्षरित याचिकाएं लेकर आई थी, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपना था।
PM से मिलने की जताई उम्मीद
धरने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि E20 फ्यूल के खिलाफ 2 लाख से ज्यादा लोगों ने प्रधानमंत्री को चिट्ठियां लिखी हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से मिलने के लिए पहले भी समय मांगा गया था और अब उन्होंने उन्हें मैसेज भी भेजा है। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री उनसे मिलेंगे और लोगों की बात सुनेंगे।
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'E20 रोकने के लिए बड़ा आंदोलन करना होगा'
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में एथनॉल खरीद रही है और इसे देश की करोड़ों गाड़ियों पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे वाहन मालिकों पर असर पड़ेगा। उन्होंने लोगों से इस अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि E20 नीति के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और इसे रोकने के लिए बड़े जन आंदोलन की जरूरत होगी।
AAP की मांग- PMO का अधिकारी ज्ञापन लेने आए
दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर पार्टी नेताओं को प्रधानमंत्री आवास तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है तो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का कोई अधिकारी मौके पर आकर ज्ञापन स्वीकार करे।
उन्होंने कहा कि पार्टी सिर्फ लोगों की चिट्ठियां प्रधानमंत्री तक पहुंचाना चाहती है। सौरभ भारद्वाज ने भारी पुलिस बल की तैनाती पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण मार्च के लिए इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और RAF की मौजूदगी समझ से परे है।
एक महीने पहले मांगा था समय
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी ने करीब एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी वजह से पार्टी ने जनता की याचिकाएं सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया।
AAP की प्रमुख मांगें
- प्रधानमंत्री जनता की 2.30 लाख से ज्यादा याचिकाएं स्वीकार करें।
- E20 फ्यूल नीति पर सरकार खुली चर्चा करे।
- पेट्रोल पंपों पर सामान्य (शुद्ध) पेट्रोल और E20, दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं।
- E20 पेट्रोल की कीमतों में कमी की जाए।
- सरकार वाहन मालिकों की चिंताओं पर स्पष्ट जवाब दे।











