कटनी में बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज,पिता को दी मुखाग्नि; अंतिम विदाई का भावुक दृश्य देख नम हुईं आंखें

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक बेटी ने समाज के सामने ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी की आंखे नम कर दीं। भाजपा कार्यकर्ता और यूनियन बैंक में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत रहे सचिन कश्यप के निधन के बाद उनकी सबसे छोटी बेटी हनी कश्यप ने पिता को मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज निभाया। एनकेजे मुक्तिधाम में जब हनी ने पिता को अंतिम विदाई दी, तब वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं। तीनों बेटियों को अपने पिता को अंतिम विदाई देते देख माहौल बेहद भावुक हो गया।
हार्ट ऑपरेशन के दौरान हुआ निधन
जानकारी के अनुसार, करीब 60 वर्षीय सचिन कश्यप का जबलपुर के एक निजी असपताल में हृदय संबंधी ऑपरेशन चल रहा था। इसी दौरान उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया, जिससे उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
तीनों बेटियां बनीं पिता की अंतिम यात्रा का सहारा
सचिन कश्यप अपने परिवार से बेहद जुड़े हुए थे। उनकी तीन बेटियां जूनी कश्यप, ग्लोरी कश्यप और हनी कश्यप हैं। अंतिम यात्रा के दौरान तीनों बेटियां हर कदम पर अपने पिता के साथ रहीं। मुक्तिधाम में सबसे छोटी बेटी हनी ने सभी सामाजिक परंपराओं से ऊपर उठकर पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस भावुक पल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।
सामाजिक कार्यों में भी निभाई अहम भूमिका
सचिन कश्यप केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि समाज के बीच भी एक सक्रिय और सम्मानित चेहरा थे। वे मांझी समाज, कटनी के सचिव के रूप में सामाजिक गतिविधियों में लगातार योगदान देते रहे। इसके साथ ही वे भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता भी थे और यूनियन बैंक में सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
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अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
रविवार को एनकेजे के नयागांव स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समाज के प्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता, मित्र और रिश्तेदार शामिल हुए। मुक्तिधाम में हर किसी ने नम आंखों से सचिन कश्यप को अंतिम विदाई दी।












