कराची। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। हजारों लोग अमेरिका के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सड़कों पर उतर आए और उनका विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र रूप ले गया।
रिपोर्ट् के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने कराची स्थित अमेरिकी दूतावास को चारों ओर से घेर लिया। दूतावास के बाहर उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की और आगजनी शुरू कर दी। इस दौरान काले धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों को पीछे हटना पड़ा।
हालात बिगड़ते देख पाकिस्तान पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों ने मोर्चा संभाला। उन्होंने अमेरिकी दूतावास जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था।
दूतावास के आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में बदल दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्होंने भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया और दूतावास की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
खामेनेई की मौत के बाद सिर्फ कराची ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन को डर है कि यह विरोध प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है। इसके चलते सभी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा दोगुनी कर दी गई है।
कराची की यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का कारण बनी है। विदेशी दूतावासों की सुरक्षा अब बड़ी चुनौती बन गई है। फिलहाल कराची में तनाव बना हुआ है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन खामेनेई के समर्थकों में अमेरिका और इजरायल के प्रति गहरा रोष देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी अपने गुस्से का इजहार जोरदार तरीके से कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए स्थिति नियंत्रण में रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।