Kanwar Yatra 2026:हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों के साथ हादसा, एंबुलेंस से टकराई कांवड़, दिल्ली-मेरठ मार्ग घंटों रहा जाम

उत्तर प्रदेश। सावन के पवित्र महीने में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर सोमवार सुबह उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब एक तेज रफ्तार सरकारी एंबुलेंस की टक्कर से कांवड़ क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद कांवड़ियों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते दिल्ली-मेरठ हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा था काफिला
जानकारी के अनुसार, नोएडा के रहने वाले कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर लौट रहे थे। सोमवार सुबह करीब 6:10 बजे उनका काफिला गाजियाबाद के मुरादनगर क्षेत्र में प्रिया सिनेमा के सामने से गुजर रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही एक सरकारी एंबुलेंस ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। ट्रॉली पर रखी कांवड़ को इस टक्कर में नुकसान पहुंचा और वह खंडित हो गई।
कांवड़ क्षतिग्रस्त होते ही भड़के श्रद्धालु
कांवड़ के क्षतिग्रस्त होने की खबर फैलते ही श्रद्धालु नाराज हो गए। उन्होंने घटना का विरोध करते हुए सड़क पर धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक यात्रा के दौरान इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रशासन से घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
UP News: 4 दिन की सरकार बची है, इसलिए चार दिन का बुलाया मानसून सत्र; योगी सरकार पर अखिलेश का तंज
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर लगा लंबा जाम
कांवड़ियों के सड़क पर बैठने के कारण दिल्ली-मेरठ मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले लोगों, यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालने की कोशिश की, लेकिन मुख्य सड़क पर जाम लंबे समय तक बना रहा।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांवड़ियों से बातचीत की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद श्रद्धालु मान गए और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। इसके बाद सड़क से धरना हटाया गया और यातायात को फिर से शुरू कराया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि धार्मिक यात्रा के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
कुशीनगर: नाले में डूबने से तीन सगी बहनों की मौत, 12 घंटे बाद शव बरामद
सावन में बढ़ जाता है कांवड़ यात्रा का दबाव
सावन के महीने में हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर और अन्य धार्मिक स्थलों से लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों और गांवों की ओर लौटते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर कांवड़ियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि पुलिस और प्रशासन विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू करते हैं। इसके बावजूद कई बार तेज रफ्तार वाहन या लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।











