
हैदराबाद। तेलंगाना की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी और BRS की पूर्व नेता के. कविता ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) लॉन्च कर दी है। हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पार्टी के नाम और झंडे का ऐलान किया। इस कदम को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव और आने वाले चुनावों से पहले नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
नई पार्टी की घोषणा के साथ ही के. कविता ने सोशल मीडिया पर एक सख्त संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि, तुम्हारा समय खत्म हुआ, अब हमारा समय है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगी और तेलंगाना की जनता की आवाज को आगे लेकर जाएंगी।
के. कविता ने कहा कि, उनकी नई पार्टी का उद्देश्य तेलंगाना की आकांक्षाओं और अधूरे एजेंडे को पूरा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि, भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने अपनी मूल भावना और पहचान खो दी है। उनके मुताबिक, जिस उद्देश्य से पार्टी बनी थी, वह अब कहीं पीछे छूट गया है और जनता से उसका जुड़ाव कमजोर हो गया है।
कविता लंबे समय तक BRS का अहम चेहरा रही हैं, लेकिन 2025 में पार्टी के अंदर मतभेद खुलकर सामने आए। उन्होंने अपने ही भाई के.टी. रामा राव (KTR) और चचेरे भाई टी. हरीश राव पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि पार्टी के अंदर की राजनीति KCR की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। इसके बाद उन्हें एंटी-पार्टी एक्टिविटीज के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। कविता का कहना है कि, उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि उन्हें निष्कासित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि, उन्होंने न परिवार छोड़ा है और न ही अपनी विचारधारा, लेकिन उन्हें बाहर कर दिया गया।
कविता ने बताया कि ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ राज्य के अधिकारों, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय पहचान पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह पार्टी तेलंगाना की अस्मिता की रक्षा करेगी और विकास को नई दिशा देगी। माना जा रहा है कि, वह सोशल तेलंगाना के मुद्दे को आगे बढ़ाकर एक नया वोट बैंक तैयार करने की कोशिश कर रही हैं।
के. कविता का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 2014 में निजामाबाद से लोकसभा चुनाव जीतकर राजनीति में मजबूत शुरुआत की थी। हालांकि, 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उनका नाम शराब नीति घोटाले में भी सामने आया, जिससे उनकी छवि को झटका लगा। करीब 6 महीने बाद उन्हें कानूनी राहत मिली, लेकिन यह दौर उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
कविता ने अपने भाषण में भावुक अंदाज में कहा कि, मैं तेलंगाना की बेटी हूं, मेरे खून में तेलंगाना है। उन्होंने कहा कि, भले ही परिवार साथ हो या न हो, लेकिन तेलंगाना की जनता ही उनका असली परिवार है। उन्होंने यह भी कहा कि, उन्होंने अपने जीवन के 20 साल तेलंगाना आंदोलन को दिए हैं और आगे भी राज्य के विकास के लिए काम करती रहेंगी।